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ग्रामीण महिलाओं ने सीखे सोयाबीन से बने उत्पाद
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बुरहानपुर | 14-सितम्बर-2017
 
   कलेक्टर श्री दीपक सिंह के निर्देशानुसार कृषि विज्ञान केन्द्र, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आत्मा विभाग के सहयोग से ग्राम मोरझिरा एवं बिजोरा में कुपोषण सप्ताह के अंतर्गत व्यवसायिक प्रशिक्षण आयोजन किया गया। इस अवसर पर के.वी.के. वैज्ञानिक मोनिका जयसवाल ने जानकारी दी कि आज प्रदेश में हर तीसरा बच्चा कुपोषण का शिकार है। शिशु के जन्म से लेकर 1000 दिन उसके मानसिक, शारीरिक एवं बैद्धिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होते है। इस दौरान शिशु के पोषण की विशेष देखरेख से कुपोषण इत्यादि बीमारियों से बचाया जा सकता है। साथ ही कुपोषण को दूर करने के लिए सोयाबीन के महत्व के बारे में बताया। वैज्ञानिक श्रीमती मेघा विभूते ने कुपोषण को दूर करने के लिये महिलाओं को सोयाबीन का आहार में उपयोग करने की समझाईश दी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आप अपने घर में अन्य अनाजों जैसे गेहूँ, चावल, मक्का, उड़द का प्रयोग करते है। उसी प्रकार सोयाबीन को भी अपने आहार में उपयोग करे।
ग्रामीणों ने सीखे सोयाबीन से बनें उत्पाद
   इस दो दिवसीय कार्यक्रम में ग्राम मोरझिरा एवं बिजोरी में सोयाबीन से बने विभिन्न उत्पाद सोया दूध, सोया पनीर, हल्वा, भजिये, पपडी, गुलगुले, बनाकर प्रदर्शन के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को सोयाबीन की सही मात्रा में उपयोग कर आहार को पौष्टिक एवं स्वादिष्ट बनाया जायें। इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रसंस्करित सोयाबीन की 1 किलो मात्रा में 10 किलो गेहूँ मिलाकर बने आटे का उपयोग रोटी, पराठा या पुरी में करने से बच्चों में प्रोटीन की कमी से होने वाले कुपोषण एवं महिलाओं में खून की कमी को दूर किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में पोषण स्मार्ट विलेजों में महिलाओं को आत्मा विभाग के सहयोग से करोंदा के पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में महिला बाल विकास सुपरवाइजर श्रीमती भावना केतकर, श्रीमती कविता सोनी सहित ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया।
(281 days ago)
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