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आधुनिक कृषि तकनीकी के क्षेत्र में रोड मॉडल बनी देवकी (सफलता की कहानी)
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शहडोल | 31-दिसम्बर-2017
 
   
    कहते हैं जहां चाह होती है वहीं कठिनाईयों के बीच रास्ते भी निकल आते हैं। इसी उक्ति को चरितार्थ किया है शहडोल जिले की ग्राम कुम्हिया की देवकी बाई ने, देवकी बाई पढ़ी-लिखी है, पति की बेरोजगारी के कारण उन्होने आजीविका के संसाधनों के विकास के संबंध में कुछ नया करने की ठानी और सेन्ट्रल बैंक के सामाजिक उत्थान एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के अधिकारियों से सम्पर्क स्थापित कर स्वरोजगार स्थापित किया और सब्जी की खेती कर आज देवकी बाई हर माह 25 से 30 हजार रूपये का लाभ अर्जित कर रही है। देवकी बाई ने बताया कि उसे अपनी सफलता पर गर्व है, उन्होने बताया कि पति बेरोजगार थे काम धंधा नहीं करते थे, पढ़ी लिखी होने के कारण वह कुछ करना चाहती थी। उन्होने बताया कि आजीविका मिशन के सदस्यों के सम्पर्क मे आने के बाद उसका चयन सीआरपी के रूप में किया गया। सीआरपी बनने के एक माह उपरांत उन्होने कृषि सखी कार्यक्रम के तहत शहडोल में प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कृषि विभाग के कृषि वैज्ञानिकों ने उसे जैविक खेती, उन्नत बीज के चुनाव, कृषि यंत्रीकरण, कम लागत में कृषि से कैसे अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है, कृषि के साथ साथ और कौन सी गतिविधियों का चयन किया जा सकता है का तकनीकी मार्गदर्शन दिया। देवकी बाई ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा दिये गये उन्हें आधुनिक कृषि का जानकारी बना दिया। प्रशिक्षण के बाद देवकी बाई ने बताया कि उन्होने आधुनिक कृषि तकनीक की जानकारी अपने पति को दी और पति ने मेरे तकनीकी ज्ञान पर भरोसा कर आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाया तथा अमल करना शुरू कर दिया। उन्होने बताया कि सब्जी और मक्का की अंतरवर्ती खेती से उन्हे अच्छा लाभ हो रहा है। देवकी बाई ने बतायाकि उन्होने अरहर की धारवाड़ पद्धति को अपनाया है तथा अंतरवर्ती खेती कर रही हैं। उन्होने बताया कि सब्जी और अरहर एवं मक्के की खेती से उन्हें अच्छा लाभ हो रहा है। अच्छी आय होने के कारण उन्होने सिलाई मशीन खरीदी है एवं सिलाई का प्रशिक्षण भी सेंट्रल बैंक के सामाजिक उत्थान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा लिया है। उन्होने बताया कि मेरे ज्ञान और पति की मेहनत से आज हमने आर्थिक स्वावलंबन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। उन्होने बताया कि कृषि सखी के रूप में गांव के अन्य समूह और सदस्यों को भी व्यावसायिक कृषि करने का ज्ञान दे रही हूँ। गौरतलब है कि आधुनिक कृषि के गुण सीखकर ग्राम कुम्हिया की देवकी बाई कुशवाहा गांव के लगभग 300 परिवारों की आवाज और रोड मॉडल बनी हुई हैं। देवकी बाई कहती हैं कि पहले मैं अपने पति से पूंछकर कृषि कार्य करती थी किंतु अब मैं पति को बड़े हक से कृषि की आधुनिक तकनीक की जानकारी देती हूँ।
(169 days ago)
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