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अद्वैत दर्शन को जन-जन तक पहुंचाना एकात्म यात्रा का उद्देश्य - महामंडलेश्वर राधे महाराज
जन्म-मृत्यु दोनों कष्टप्रद जबकि मोक्ष आत्मा की कामना - बालकदास महाराज, देवानुग्रह प्राप्ति का पथ प्रशस्त करती हैं जगतगुरू शंकराचार्य की शिक्षा - प्रो. सतीश, शिवनगरी में एकात्म यात्रा के पदार्पण पर आयोजित हुआ जनसंवाद कार्यक्रम
श्योपुर | 14-जनवरी-2018
 
   
    सामान्यतः प्यासे को कुएं के पास जाना पड़ता है लेकिन ईश्वरीय कृपा से कभी-कभी कुआं स्वयं प्यासे के पास पहुँच जाता है। एकात्म यात्रा का शिवनगरी में पदार्पण ईश्वरीय अनुकम्पा ही है। इस यात्रा का उद्देश्य आदि शंकराचार्य की शिक्षाओं और योगदान के साथ अद्वैत सिद्धांत को जन-जन तक पहुंचाना है। उक्त विचार महामंडलेश्वर संत श्री राधे राधे महाराज ने जनसंवाद कार्यक्रम में व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन एकात्म यात्रा के श्योपुर आगमन के उपलक्ष्य में मेला रंगमंच परिसर में किया गया था। उन्होंने आदिगुरू शंकराचार्य के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन से जुड़े अनेक रोचक व चमत्कारिक प्रसंगों को भी सुनाया। मंचासीन संत श्री बालकदास महाराज ने जन्म और मृत्यु दोनों को कष्ट का कारण बताते हुए मोक्ष को आत्मा का कल्याण बताया। उन्होंने कहा कि जीव जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होना चाहता है। इसी मूढ़मति जीव के लिए गोविंद का भजन मोक्ष का माध्यम है। लालबहादुर शास्त्री संस्थान दिल्ली में अद्वैत दर्शन के विद्वान प्रो. सतीश राव ने भी सारगर्भित उद्बोधन में शंकराचार्य की शिक्षाओं को समझाया। उन्होंने आदि शंकर रचित विवेक चूड़ामणि में वर्णित मनुष्यत्व, मुमुक्क्षत्व और महापुरूष संश्रय पर भी सरलता से प्रकाश डाला। प्रो. सतीश ने कहा कि हम जहां से सम्मिलित होते हैं हमारी यात्रा वहीं से आरंभ होती है। यही शंकराचार्य जी की शिक्षा है जो देवानुग्रह प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। कार्यक्रम का शुभारंभ आदि शंकराचार्य की चरण-पादुकाओं के समक्ष दीप प्रज्जवलन तथा पुष्प समर्पण के उपरांत अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम को क्षेत्रीय विधायक दुर्गालाल विजय ने भी संबोधित किया। जिन्होंने यात्रा के साथ आए विद्वतजनों तथा अतिथियों का वैचारिक अभिनंदन किया। इसके साथ ही हिन्दु जागरण सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री बाबूलाल जाटव ने भी अपने विचार व्यक्त किये। जनसंवाद के अंतिम चरण में आभार प्रदर्शन नगरपालिका अध्यक्ष दौलतराम गुप्ता ने किया। इससे पूर्व जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र मीणा ने एकात्मता की शपथ जनसमूह को दिलाई। इसी क्रम में संतगणों सहित मंचासीन धर्मगुरूओं व महंतों का शॉल-श्रीफल भेंट कर अभिनंदन भी किया गया। एकात्म यात्रा के आगमन के उपलक्ष्य में विद्यालयों व महाविद्यालय स्तर पर आयोजित चित्रकला व संभाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र व पुरूस्कार राशि के चैक भी प्रदान किए गए। जनसंवाद से पूर्व श्योपुर नगरी में पदार्पण करने पर यात्रा का आस्थापूर्ण स्वागत किया गया। चरण-पादुकाओं को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कविता मीणा, विधायक श्री दुर्गालाल विजय, नगरपालिका अध्यक्ष श्री दौलतराम गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अशोक गर्ग, पूर्व जिला अध्यक्ष श्री महावीर सिंह सिसौदिया श्री बिहारी सिंह सोलंकी, श्री गोपाल आचार्य, श्री रामलखन नापाखेडली सहित तमाम जनप्रतिनिधियों ने शीश पर धारण किया।
    महामंडलेश्वर श्री राधे-राधे महाराज एवं श्री बालकदास महाराज की बग्गी में निकली शोभायात्रा एवं आदि गुरू शंकराचार्यजी महाराज की चरण पादुकाओ का नगर भ्रमण के दौरान सोनेश्वर मंदिर समिति, विश्व हिन्दु परिषद, बंजरग दल, जेसीआई श्योपुर, नगर पालिका श्योपुर, वालमिकी समाज, नवरात्रा उत्सव समिति, जुगनु सिकरवार मि़त्र मंडल सहित विभिन्न संगठनों, संस्थाओं तथा आस्थावान नगरजनों द्वारा यात्रा का भावभीना स्वागत भी किया गया।
एकात्म यात्रा के मुख्य आकर्षण
    श्री हजारेश्वर मेला रंगमंच पर जनसंवाद से पूर्व वाद्यवृन्दों में गूंजी कला और संस्कृति।
    यात्रा के साथ हुआ है धु्रव द संस्कृत बेंड का आगमन।
    विश्व के एकमात्र संस्कृत बेंड के कलाकारों की सरस प्रस्तुतियों से गुंजायमान हुआ परिवेश। दल के नेतृत्वकर्ता संस्थापक संजय द्विवेदी और प्रबंधक पुनीत संतोरे।
    गायक कलाकार वैभव संतोरे द्वारा आदि शंकराचार्य रचित स्तुतियों, पदों व सूक्तियों का मधुर गायन।
     तबले पर संजीव बिसारिया, पखावज पर शुभम आगलवे, वायलन और की-बोर्ड पर यशवंत राव, बांसुरी पर अभिषेक राठौर और गिटार पर संकेत धर्माधिकारी की संगत।
    गायन-वादन के माध्यम से धर्म, आध्यात्म और संस्कृति की धूम।
    श्योपुर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में बेटी बचाओ अभियान पर आधारित रंगोली सज्जा बनी आकर्षण का केंद्र।
     महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मेला रंगमंच परिसर में सजाई गई थी विशाल और कलात्मक रंगोली।
     एकात्म यात्रा के आगमन के उपलक्ष्य में हुआ था जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन।
     विभागीय कार्यकर्ताओं ने रंगोली और फूलों के जरिए दिखाई अपनी कल्पना और कला दक्षता।
(157 days ago)
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