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देशी बेर के पौधे कल्मीकरण कराईये अतिरिक्त आय पाईये (सफलता की कहानी)
व्यवसायी स्वयं घर आते हैं बेर खरीदने, अतिरिक्त आय के साधन बने भूली बाई के कल्मी बेर
राजगढ़ | 14-फरवरी-2018
 
   
   कभी सिर पर देशी बेर की टोकनी रख कर जगह-जगह देशी बेर बेचने वाली खिलचीपुर के ग्राम दरियापुर की भूलीबाई दांगी के अब कल्मी बेर के पेड़ों के फलते ही व्यापारी घर पहुंच जाते है और पेड़ लगे कल्मी बेर का पकने तक सौदा कर लेते हैं। उसे अब बेर बेचने बाहर कहीं नहीं जाना पड़ता है। कलमी बेर उसके अतिरिक्त आय का साधन बने है। जिनसे उसे 30-32 हजार की वार्षिक नगद अतिरिक्त आमदनी हो जाती है। साढ़े तीन बीघा कृषि भूमि की मालकिन भूली बाई ने वर्ष 2010-11 में उद्यानिकी विभाग की बेर टॉप वर्किंग उद्यानिकी योजनान्तर्गत अपने 25 देशी बेर के पौधों में कल्मीकरण कराया था। देशी बेर के पौधे कल्मीकरण के तीन वर्ष पश्चात् 2013-14 में फल देने लगे थे।
   भूलीबाई ने बताया कि उसकी कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते शासकीय रोपणी छापीहेड़ा द्वारा बेर टॉप वर्किंग उद्यानिकी अपनाने और इसके लिए देशी बेर के पौधों में कल्मीकरण करने सलाह दी गई थी। उस समय उसे खेत में लगभग 25 देशी बेर के पौधे लगे थे लेकिन, उनसे आय नाम मात्र की थी।
   उद्यानिकी विभाग की सलाह मानते हुए उसने गर्मी में देशी बेर के पौधों की कटाई की और जून के महीने में पौंधों में कल्में लगवाई। पहले साल 18-20 पौंधों में कल्मीकरण सफल रहा। उसने शेष बचे पौंधों में दूसरे साल फिर कल्मीकरण कराया और वह सफल रही। सभी कल्मी बेर के पौधों ने तीन साल बाद बडे़-बड़े बेर के फल देने शुरू कर दिया। वर्ष 2013-14 उसे प्रति वर्ष 30-32 हजार रूपये की अतिरिक्त नगद आय हो रही है।
   उसने बताया कि बेर टॉप वर्किंग उद्यानिकी विभाग की बहुत अच्छी योजना है। देशी बेर के पेड़ो को कल्मी कराने में कोई अतिरिक्त पैसा नहीं लगाना पड़ता। जब यह फल देने लगते हैं तो पुराना घाटा भी पूरा कर देते हैं। भूली बाई अपने अतिरिक्त आय को अपने बच्चों की पढ़ाई में लगाती है। गेहूं, चना और सोयाबीन की फसलों पर निर्भर रहने वाली भूलीबाई ने उद्यानिकी से प्रेरणा लेकर अब संतरे का बगीचा भी तैयार कर लिया है। जो अब फल देने की स्थिति में है।
   भूलीबाई स्वयं तो अनपढ़ है लेकिन, अपने बच्चों को पढ़ाने में कोई कसर नहीं रख रही है। एक बच्चा 10वीं पास कर खेती-किसानी का कार्य करता है। दूसरा बच्चा 10 वीं में पढ़ रहा है और उसकी लाडली बिटिया ग्रेजुएशन कर रही।
(186 days ago)
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