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सूचना का अधिकार मनुष्‍य के मूलभूत मानव अधिकारों में सम्मिलित है- श्री आत्‍मदीप
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गुना | 13-मार्च-2018

 
   
    राज्‍य सूचना आयुक्‍त श्री आत्‍मदीप ने कहा कि मनुष्‍य को सूचना प्राप्‍त करने की स्‍वतंत्रता है तथा सूचना का अधिकार मनुष्‍य के मूलभूत मानव अधिकारों के दायरे में आता है। राज्‍य सूचना आयुक्‍त ने यह बात आज यहां कलेक्‍ट्रेट में सम्‍पन्‍न हुई लोक सूचना अधिकारियों एवं अपीलीय अधिकारियों की कार्यशाला में कही। कार्यशाला में कलेक्‍टर श्री राजेश जैन, पुलिस अधीक्षक श्री निमिष अग्रवाल, अपर कलेक्‍टर श्री मिट्ठूलाल कनेल समेत विभिन्‍न विभागों के लोक सूचना अधिका‍रियों एवं अपीलीय अधिका‍रियों ने भाग लिया।
    राज्‍य सूचना आयुक्‍त ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्‍त होने वाले आवेदनों को भावनात्‍मक एवं संवेदनशील दृष्टि से गृहण करना चाहिए। इस अधिनियम के जरिए हमें लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने , कामकाज में पारदर्शिता लाने और जनता की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम करना चा‍हिए। उन्‍होंने कहा कि उक्‍त अधिनियम के तहत एक आवेदन में एक ही विषय से संबं‍धित तथा सीमित जानकारी देने का ही प्रावधान है।
    राज्‍य सूचना आयुक्‍त  ने कहा कि अगर कोई आवेदक किसी लोकसूचना अधिकारी से अपने आवेदन में तीन-चार विभाग से संबंधित जानकारी मांगता है, तो लोकसूचना अधिकारी सिर्फ एक ही विभाग को आवेदन अंतरित कर सकता है तथा इसके बारे में आवेदक को पत्र लिखा जाए कि वे अमुख विभाग से जानकारी प्राप्‍त करें। उन्‍होंने कहा कि ऐसे आवेदन को 5 दिन के भीतर संबंधित लोकसूचना अधिकारी को अंतरित कर दिया जाना चाहिए।
    राज्‍य सूचना आयुक्‍त ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना चाहने वाले को संधारित एवं उपलब्‍ध अभिलेख ही देने का प्रावधान है। राज्‍य सूचना आयुक्‍त ने कहा कि किसी आवेदक द्वारा पर पक्ष से संबंधित  जानकारी चाहने के लिए परपक्ष से पूछकर ही इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जानी चाहिए।
    राज्‍य सूचना आयुक्‍त ने लोकसूचना अधिका‍रियों की शंकाओं का समाधान भी किया। आभार प्रदर्शन डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री सुरेश कुमार बरहादिया ने किया।
(102 days ago)
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