समाचार
|| घर से ही करा सकते हैं मोबाइल को आधार से लिंक || अन्तर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 29 जुलाई को || हज यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण 25 जुलाई तक || समाज कार्य स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम लेखन की समीक्षा 26 जुलाई को || पशुधन संजीवनी हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर ‘‘1962’’ प्रारंभ || सीपीसीटी में हिंदी टाईपिंग अनिवार्य || स्कूलों की मान्यता के नवीनीकरण के लिए आयुक्त के पास अपील 20 से 26 जुलाई तक होगी || दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम में 21 प्रकार की दिव्यांगताएं शामिल || उर्दू में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा पुरस्कार || सुदामा प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
अन्य ख़बरें
तेज गर्मी और लू से बचाव के उपाय करें
-
खण्डवा | 17-अप्रैल-2018
 
   ग्रीष्मकाल में बढ़ते तापमान एवं लू से बचने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी नागरिकों से सावधानियॉं बरतने का आग्रह किया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि जिले में ग्रीष्मकाल में 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर तापमान पहुंच जाता है, इस अवधि में अधिक देर तक बाहर धूप में रहने से लू के शिकार होने की संभावना अधिक रहती है। लू से शिकार व्यक्ति को तेज सिर दर्द होता है मुंह-जुबान सूखने लगती है, माथे, हाथ, पैर से पसीना आता है व घबराहट होती है और प्यास लगती है, उल्टी होती है भूख नहीं लगती है तथा हालत अधिक खराब होने से मरीज बेहोश हो जाता है। गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है, बुखार हाथ पैरों में दर्द, आंखों और पैशाब में जलन के साथ ही कभी-कभी दस्त भी लगते है। साथ ही पानी की कमी के कारण मृत्यु का खतरा भी बना रहता है।
लू से बचाव के लिये ये सावधानियॉं रखें
   गर्मी के मौसम में गर्दन के पिछले भाग, कान व सिर को गमछे या तौलिये से ढ़ककर ही धूप में निकलें। रंगीन चश्में व छतरी का प्रयोग करें। गर्मी के दिनों में धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले कपड़ों का प्रयोग करें। बिना भोजन किये बाहर न निकलें। भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकलें। गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पियें एवं पेय पदार्थों का अधिक-से-अधिक मात्रा में सेवन करें। जहॉं तक संभव हो ज्यादा समय तक धूप में खड़े होकर व्यायाम या मेहनत न करें एवं बहुत अधिक भीड़, गर्म व घुटन भरे कमरों, रेल, बस आदि की यात्रा गर्मी के मौसम में नहीं करें।
लू से पीड़ित होने पर, ये प्राथमिक उपचार करें
   लू से पीड़ित रोगी को तुरन्त छायादार स्थान पर कपड़े ढ़ीलें कर लिटा दें एवं हवा करें। रोगी को होश आने की दशा में उसे ठण्डे पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का पना आदि दें। प्याज का रस अथवा जौ के आटे को भी ताप नियंत्रण हेतु मला जा सकता है। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिये यदि संभव हो तो उसे ठण्डे पानी से स्नान करायें या उसके शरीर पर ठण्डे पानी की पट्टियॉं रखकर पूरे शरीर को ढंक दें। इस प्रक्रिया को तब तक दोहरायें जब तक की शरीर का ताप कम नहीं हो जाता है। इस उपचार से यदि मरीज ठीक नहीं होता है तो उसे तत्काल पास के अस्पताल में भेजा जाये।    
(96 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जूनजुलाई 2018अगस्त
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2526272829301
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
303112345

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer