समाचार
|| ऑनलाईन प्रवेश के लिए सी.एल.सी. का द्वितीय चरण || प्रदेश के 4 जिलों में सामान्य से अधिक, 33 में सामान्य वर्षा दर्ज || जनजातीय विभाग की योजनाओं का कम्प्यूटरीकरण || शासकीय महाविद्यालयों निर्धारित सीट संख्या में वृद्धि के निर्देश || विकास रथ पहुँचाएंगे विभिन्न योजनाओं की जानकारी || इनोवेटिव आइडिया के लिए आवेदन आमंत्रित || विमुक्त जनजाति वर्ग के समाज सेवियों को मिलेगा पुरस्कार || आज मनाया जायेगा सद्भावना दिवस || मजदूरों के बच्चों को नहीं लगेगा परीक्षा शुल्क || ग्रामीण क्षेत्रों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण 31 अगस्त तक
अन्य ख़बरें
नींबू के साथ गुलाब के फूलों की खेती की अतिरिक्‍त कमाई "सफलता की कहानी"
उद्यानिकी फसलों से खेती बनी लाभ का धन्‍धा
नीमच | 17-मई-2018
 
 
   नीमच जिले की विकासखण्‍ड जावद के ग्राम हनुमंतिया के श्री प्रहलाद धाकड के परिवार में परम्‍परागत खेती ही की जाती रही है। पूरे परिवार के पास लगभग 130 बीघा (लगभग 25-26 हेक्‍टेयर) जमीन है। पहले परम्‍परागत खेती जैसे गेहूं, चना, सोयाबीन, मक्‍का, सरसों, इसबगोल आदि को "फ्लड एरीगेशन" द्वारा सिंचित करते थे, जिससे पानी की कमी रहती थी और उत्‍पादन भी कम होता था।
   उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर मिनी स्प्रिंकलर अनुदान पर प्राप्‍त कर ऊंटी की लहसुन लगाई। वर्ष 2016-17 में 8 बीघा लहसुन लगाई, जिससे 230 क्विंटल लहसुन का उत्‍पादन हुआ,  भाव सही मिलने पर  14 लाख का फायदा हुआ। उद्यानिकी विभाग द्वारा उन्‍हें नींबू लगाने की सलाह दी गई। नींबू के साथ-साथ प्रहलाद ने गुलाब की खेती भी की। 8 माह में 1.50 क्विंटल सुखी पत्तियों से 400 रूपये प्रति किलों के हिसाब से 60 हजार रूपये की अतिरिक्‍त आय हुई। किसान प्रहलाद धाकड ने एक हेक्‍टेयर में स्‍ट्राबेरी की खेती भी की। जिससे भाव कम मिलने पर भी लाभ हुआ। मल्चिंग एवं ड्रिप का उपयोग कर उसी जगह स्‍वीट कार्न लगाकर लगभग एक लाख रूपये का मुनाफा कमाया। मिनी स्प्रिंकलर लगाने से उत्‍पादन में 5 क्विंटल प्रति बीघा ज्‍यादा प्राप्‍त हुआ, साथ ही कम पानी में अधिक जमीन सिंचित हुई। उद्यानिकी में आत्‍मा योजना अंतर्गत जिले में सर्वश्रेष्‍ठ कृषक का पुरस्‍कार श्री प्रहलाद धाकड को माननीय मुख्‍यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा 25 हजार नगद एवं प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। इस तरह प्रहलाद की आय बढ़ी तो उन्‍होने अपने कुए पर 5 एच.पी. का सोलर पेनल 72 हजार रूपये में लगवाया। जिससे बिजली की समस्‍या का निदान हो गया। प्रहलाद धाकड ने परम्‍परागत खेती की बजाय उद्यानिकी फसलों को उच्‍च तकनीकी के साथ अपना कर खेती को लाभ का धन्‍धा बनाया है। जो अन्‍य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी है।
 
(94 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जुलाईअगस्त 2018सितम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
303112345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer