समाचार
|| भारी बारिश की चेतावनी || जिले में चलाया जा रहा है मतदाता जागरूकता अभियान || विधानसभा चुनाव के संबंध में मास्टर ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण || लोक निर्माण मंत्री ने 6 करोड़ 22 लाख रूपए की लागत के सड़क मार्ग का किया भूमिपूजन || प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गुलाब बाई को मिला गैस कनेक्शन (सफलता की कहानी) || ग्राम स्वराज अभियान में राजगढ को राष्ट्रीय पुरूस्कार || सुदृढ़ सूचना तंत्र से निर्वाचन व्यवस्था सुगम बनायें || छात्रावासों के विद्यार्थियों के लिए खाद्यान्न आवंटित || प्रदेश में मद्य निषेध सप्ताह 2 से 8 अक्टूबर तक || अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट कभी भी स्वीकार नहीं करें
अन्य ख़बरें
जैव-विविधता की रणनीति में लोगों की सहभागिता बढ़ाना आवश्यक
मध्यप्रदेश जैव-विविधता रणनीति एवं कार्य-योजना का पुनरीक्षण करने हुई कार्यशाला
उज्जैन | 12-जुलाई-2018
 
    मध्यप्रदेश जैव-विविधता रणनीति एवं कार्य-योजना का पुनरीक्षण के लिये कार्यशाला का आयोजन आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में किया गया।  इस मौक पर अपर मुख्य सचिव श्री के.के. सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर जनसंख्या का दबाव बढ़ा है। लोगों के रहन-सहन के तरीके में भी बदलाव आया है। ऐसे में जैव-विविधता के लिये रणनीति और कार्य-योजना का पुनरीक्षण करना जरूरी है। इस अच्छे काम के लिये हर तरह से सहयोग दिया जायेगा।    
   प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री जव्वाद हसन ने कहा कि जैव विविधता की कार्य-योजना में जैव उत्पादों को प्राथमिकता और लोगों की सहभागिता को बढ़ाना आवश्यक है। जैव-विविधता जीवन शैली से जुड़ा विषय है, इसलिये लोगों को उसके फायदे के बारे में अवगत करवाना बेहद जरूरी है।
   यू.एन.डी.पी. इंडिया की प्रोग्राम ऐनलिस्ट डॉ. रूचि पंत ने कहा कि जैव-विविधता का एक्शन प्लान बनाने में सभी विभागों की भागीदारी जरूरी है। यह न केवल पर्सनल बल्कि प्रोफेशनल लाइफ से जुड़ा विषय है। इसकी ओर सभी को ध्यान देना होगा। इसके लिये प्लानिंग ही नहीं, इम्प्लीमेंट में भी सभी के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में स्मार्ट इंडीकेटर का उपयोग होना चाहिए। डेटा और उपलब्धि का भी समावेश होना चाहिए। प्लान को संधारणीय विकास लक्ष्य (एस.डी.जी.) के साथ जोड़ा जाना चाहिए। प्लान का ड्यूरेशन 2018-28 से बढ़ा कर 2030 तक किया जाना चाहिए। उन्होंने शासन की योजनाओं को प्लान से एलाइन करने की जरूरत भी बताई।
   पर्यावरणविद् एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. सी.आर. बाबू ने कहा कि स्थानीय मापदण्डों को ध्यान में रखकर नया प्लान तैयार करना होगा। समुदायों की भागीदारी भी सुनिश्चित करनी होगी और तैयार रिपोर्ट को धरातल पर लाना होगा।
   म.प्र. राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री आर.श्रीनिवास मूर्ति ने स्वागतभाषण में बताया कि क्लाइमेट चेंज का देश में सबसे ज्यादा असर सेंटर इंडिया में होगा। अगले 30 से 50 साल में हरियाली लाना है, तो उसकी कार्य-योजना तैयार कर अभी से काम करना होगा, तबवह बच्चों के भविष्य में काम आयेगा।
(72 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अगस्तसितम्बर 2018अक्तूबर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer