समाचार
|| ऑनलाईन प्रवेश के लिए सी.एल.सी. का द्वितीय चरण || प्रदेश के 4 जिलों में सामान्य से अधिक, 33 में सामान्य वर्षा दर्ज || जनजातीय विभाग की योजनाओं का कम्प्यूटरीकरण || शासकीय महाविद्यालयों निर्धारित सीट संख्या में वृद्धि के निर्देश || विकास रथ पहुँचाएंगे विभिन्न योजनाओं की जानकारी || इनोवेटिव आइडिया के लिए आवेदन आमंत्रित || विमुक्त जनजाति वर्ग के समाज सेवियों को मिलेगा पुरस्कार || आज मनाया जायेगा सद्भावना दिवस || मजदूरों के बच्चों को नहीं लगेगा परीक्षा शुल्क || ग्रामीण क्षेत्रों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण 31 अगस्त तक
अन्य ख़बरें
नुकसान की पूरी भरपाई हो गई –किसान अभिनव पालीवाल (सफलता की कहानी)
अऋणी किसान को 8 लाख 5 हजार रूपये का बीमा मिला
उज्जैन | 03-अगस्त-2018
 
   
    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिये वरदान बन गई है। ऋणी किसानों का तो बैंक द्वारा स्वयं ही बीमा हो जाता है, किन्तु अऋणी किसान इस योजना के लाभ से वंचित हो जाते थे। वर्ष 2017 में सोयाबीन फसल लेने वाले ग्राम डेलची बुजुर्ग महिदपुर के कृषक श्री अभिनव पालीवाल ने क्षेत्रीय पटवारी एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मैनेजर की सलाह पर पहली बार लगभग 100 बीघा में बोई सोयाबीन का बीमा कराया। बीमे का प्रीमियम लगभग 20 हजार रूपये उनके द्वारा जमा कराया गया।
    अभिनव पालीवाल को एहसास नहीं था कि इस बीमे से उन्हें कितना लाभ मिलेगा। परिस्थिति ऐसी बनी कि उनकी फसल बिगड़ गई। क्विंटलों में होने वाली उपज किलो में बदल गई। किसान निराश हो गया। किन्तु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने अपना काम किया। पटवारी द्वारा की गई आनावारी एवं बीमा कंपनी के सर्वे के बाद जब जिले के सभी किसानों का वर्ष 2017 का फसल बीमा आया तो अभिनव पालीवाल के खाते में 8 लाख 5 हजार 279 रूपये जमा हुए। अभिनव पालीवाल अचानक हुए इस लाभ से झूम उठे और कहते हैं कि जितना नुकसान हुआ था, उसकी सूद सहित भरपाई हो गई। श्री पालीवाली जिले के अऋणी किसानों का आव्हान करते हैं कि उनकी तरह वे भी फसल बीमा कराकर योजना का लाभ ले सकते हैं।
    डेलची बुजुर्ग के कृषक श्री अभिनव पालीवाल कहते हैं कि वे 100 बीघा की सोयाबीन की खेती में से कई खेतों की फसल काटने ही नहीं गये। जिन खेतों की फसल काटी थी, उनमें भी जहां कभी 1 बीघा में 3 से 5 क्विंटल की पैदावार होती थी, वहीं थ्रेशरिंग करने पर उपज 10-20 किलो ही निकली। वे बताते हैं कि पानी नहीं गिरने के कारण सोयाबीन की 2 बार बुवाई की पर डबल बुवाई भी बिगड़ गई। दवाई, खाद आदि का पैसा व्यर्थ गया। उनको प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक श्री विष्णुप्रतापसिंह व तत्कालीन पटवारी श्री सुनील वर्मा द्वारा दी गई। श्री पालीवाल ने योजना का ब्रोशर पढ़ा और समझकर लगभग 100 बीघा में बोई सोयाबीन का बीमा करवा लिया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना निश्चित रूप से आज उनके लिये वरदान सिद्ध हुई है।
   कृषक श्री अभिनव पालीवाल कहते हैं कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बहुत अच्छे तरीके से तैयार की गई है। किसानों को इस योजना में शामिल होने के लिये किसी तरह की कोई कठिनाई नहीं आती है। कागजी कार्यवाही भी लगभग नहीं के बराबर है। किसान अपनी ऋण पुस्तिका अथवा खसरा बी-1 की जानकारी तथा पटवारी से बुवाई प्रमाण-पत्र लेकर निकट के जिला सहकारी बैंक में जाकर सीधा प्रीमियम जमा करा सकता है। कई बैंक शाखाओं द्वारा पटवारी से बुवाई प्रमाण-पत्र भी सीधे मंगवा लिया जाता है। इसतरह केवल प्रीमियम जमा करने पर ही किसान अपनी फसल का बीमा करवा सकता है और बीमे का लाभ ले सकता है।
(17 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जुलाईअगस्त 2018सितम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
303112345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer