समाचार
|| सुगम मतदान के लिए स्थाई प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित || वृद्धजन दिवस 1 अक्टूबर को || पेंशन आपके द्वार पूरे प्रदेश में लागू || भोपाल में राज्य स्तरीय कहानी उत्सव 8 अक्टूबर को || विदेश निर्मित पटाखों के क्रय-विक्रय पर रहेगा प्रतिबंध || समूह नृत्यों की प्रस्तुति से पर्यटन पर्व की रंगारंग शुरूआत (पर्यटन पर्व­­-2018 ) || आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ || जिले में अब तक 715.8 मिमी. वर्षा || पत्रकार स्वास्थ्य समूह बीमा योजना में फार्म भरने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर || किसानों के पंजीयन की अब अवधि 29 तक
अन्य ख़बरें
पति को खोने के बाद भी दुलसिया के आत्मनिर्भर रहने की सोच को मिला आजीविका का साथ "सफलता की कहानी"
स्वयं के रोजगार से कर रही हैं परिवार का लालन पालन
अनुपपुर | 28-अगस्त-2018
 
  
  महिलाएँ जितनी संवेदनशील, भावुक एवं सरल होती हैं उतनी ही वो दृढ़ निश्चयी एवं कर्तव्यपरायण होती हैं यह सब हमने कहानियों में तो बहुत पढ़ा है। अक्सर ही हम उनके साहस से मुखातिब भी होते रहते हैं। शायद इसीलिए ये कहानियाँ अब कहानियाँ न होकर एक सच्चाई हैं सामाजिक आइना है। ऐसे ही दृढ़ निश्चय की कहानी है अनूपपुर नगरपालिका की निवासी दुलसिया बाई की। जब दुलसिया से उनके पति का साथ छूटा तब उनके ऊपर तीन बच्चों की जिम्मेदारी थी। स्वावलंबी दुलसिया  नही चाहती थीं कि बच्चों के लालन पालन के लिए वे किसी के सामने हाथ फैलाएँ। परंतु घर को कैसे चलाएँ ये उन्हें नहीं समझ आ रहा था। तभी दीनदयाल अन्त्योदय शहरी आजीविका मिशन के कार्यकर्ताओं ने उन्हें सिलाई मशीन के प्रशिक्षण के बारे में बताया। दुलसिया ने एक माह चले सिलाई कोर्स में सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त किया। आजीविका कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के बारे में बताया गया। दुलसिया ने आर्थिक कल्याण योजना के माध्यम से 50 हजार रुपए का ऋण लिया इस राशि में से 12 हजार 500 रुपए उन्हें अनुदान के रूप में प्राप्त हुए। दुलसिया बाई ने नगरपालिका अनूपपुर द्वारा स्थापित हॉकर्स जोन में सिलाई एवं प्लास्टिक के सामान की दुकान खोली। आज दुलसिया आत्मनिर्भर होकर बिना किसी दबाव के अपना एवं अपने परिवार का भरण पोषण कर रही हैं। अब वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए किसी पर आश्रित नही हैं। दुलसिया शासन को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि अगर सोच अच्छी हो तो किसी भी समस्या से बाहर निकला जा सकता है शासन सभी लोगों को समस्याओं से निकालने के लिए सदैव खड़ी है। आप कहती हैं मनुष्य को कभी भी हार नही माननी चाहिए समस्याओं से निकलने के कई रास्ते होते हैं बस सही मार्गदर्शक मिलना चाहिए। आप शहरी आजीविका मिशन एवं नगरपालिका अनूपपुर को धन्यवाद देती हैं।
(27 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अगस्तसितम्बर 2018अक्तूबर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer