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चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रशासन हुआ सख्त
संपत्ति विरूपण हटाने की सख्ती से हुई कार्यवाही
पन्ना | 07-अक्तूबर-2018
 
   
 
   भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव-2018 के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता के प्रभावशील होते ही जिला प्रशासन द्वारा सख्ती दिखाते हुए जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के शासकीय भवनों, सार्वजनिक स्थलों एवं विभिन्न मार्गों से फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर एवं झंडों को हटाने का अभियान चलाया गया और संपत्ति विरूपण को हटाने की कार्यवाही की गई है। संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम अधिनियम 1994 के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिये कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मनोज खत्री द्वारा जिले स्तर पर लोक संपत्ति सुरक्षा दल का गठन किया गया है। यह दस्ता संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के उल्लंघन की जांच करेगा तथा नियमानुसार कार्यवाही करेगा। यह दस्ता शासकीय संपत्ति पर विरूपण की रोकथाम के साथ-साथ निजी संपत्ति में भी विरूपण की रोकथाम करेगा।
    साथ ही उन्होंने नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अपने क्षेत्र से संपत्ति विरूपण हटाने की कार्यवाही कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
    कलेक्टर श्री खत्री ने आम नागरिकों से कहा है कि निर्वाचन आयोग द्वारा आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील कर दी गई है। अतः कोई भी व्यक्ति संपित्त विरूपित करने का कार्य न करें। संपत्ति विरूपण करने पर संबंधित के विरूद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी तथा जुर्माना व दंडात्मक कार्यवाही भी की जायेगी। शासकीय अमले को निर्देशित किया गया है कि संपत्ति विरूपण अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। शासकीय संपत्तियों को किसी भी प्रकार से विरूपित नहीं किया जाए। निजी संपत्ति पर किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री चिपकाना, दीवार लेखन आदि भी उक्त अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है। यदि कोई अभ्यर्थी या अन्य कोई व्यक्ति किसी निजी संपत्ति पर कोई प्रचार सामग्री लगाना चाहता है तो उसे संपत्ति के स्वामी से लिखित अनुमति प्राप्त कर संबन्धित रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय मे अनुमति पत्र की छायाप्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
(10 days ago)
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