समाचार
|| जनसंपर्क गुना फेसबुक, ट्वीटर के साथ इंस्‍टाग्राम पर भी || डीम्‍ड कर निर्धारण योजना हेतु विभिन्‍न तिथियों में केंप का आयोजन || अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि में वृद्धि || जिला स्‍तरीय आपत्ति निराकरण समिति की बैठक 02 को || जिला स्तरीय जनसुनवाई में 167 आवेदकों द्वारा दिए गए आवेदन || साईकिल पाकर खिले छात्र-छात्राओं के चेहरे (खुशियों की दास्तां) || जनसुनवाई से चन्द्रपाल हुए संतुष्ट (सफलता की कहानी) || प्रवेशोत्सव में निःशुल्क पुस्तकें पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे (खुशियों की दास्तां) || राजस्व निरीक्षकों से सीमांकन के आवेदनों का निराकरण करावें, ना सुनें तो कार्रवाई प्रस्तावित करें- कलेक्टर || मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत पमी का विवाह हुआ सम्पन्न "खुशियों की दांस्तान"
अन्य ख़बरें
निराश्रित गौ-वंश को गौ-शालाओं में विस्थापित किया जायेगा
भोपाल नगर में निर्धारित मवेशियों गौ-शाला में रखने का अभियान 16 जनवरी से, मंत्री श्री यादव की अध्यक्षता में अन्तर्विभागीय बैठक में हुए निर्णय
नरसिंहपुर | 11-जनवरी-2019
 
   निराश्रित गौ-वंश को गौ-शालाओं में रखा जायेगा। गाय, बैल, आवारा तरीके से सड़कों पर विचरण करते नजर नहीं आयेंगे। शुरूआती दौर में भोपाल नगर में आवारा तरीके से घूमते निराश्रित गाय-बैल को पकड़कर गौ-शाला में रखा जायेगा। इस अभियान की शुरूआत 16 जनवरी से की जायेगी। भोपाल नगर में पाँच हजार से अधिक निराश्रित गाय-बैल को गौ-शाला में विस्थापित किया जायेगा। यह निर्णय पशुपालन, मछुआ कल्याण और मत्स्य-विकास मंत्री श्री लाखन सिंह यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई अन्तर्विभागीय बैठक में लिया गया।
    बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुपालन श्री मनोज श्रीवास्तव, संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत, आयुक्त मनरेगा सुश्री जी.व्ही. रश्मि, कलेक्टर डॉ. सुदाम खांडे, सचिव जेल श्री राजीव दुबे, डीआईजी श्री धर्मेंद्र चौधरी, आयुक्त नगर निगम श्री बी. विजय दत्ता, संचालक पशुपालन डा. आर. के. रोकड़े, एमडी एमपीएलडीसी डा. एच.बी.एस. भदौरिया और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
    मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गौ-वंश का यूआईडी टैग से पंजीयन किया जा रहा है। सबसे पहले हाई-वे के आसपास के क्षेत्र के ग्रामों में गौ-शाला खोलेंगे। शुरूआत पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर भोपाल से की जा रही है। उन्होंने संभागायुक्त, कलेक्टर और आयुक्त नगर निगम से कहा कि अभियान को युद्ध स्तर पर शुरू करें। अभियान शुरूआत के एक सप्ताह बाद 22 से 25 जनवरी के बीच वे नगर के उस हिस्से का जायजा लेंगे, जहाँ से निराश्रित गौ-वंश को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अगर निराश्रित गाय-बैल मिलते हैं, तो क्षेत्र के संबंधित जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी।
अपर मुख्य सचिव ने दिये निर्देश
    एसीएस श्री श्रीवस्तव ने कलेक्टर भोपाल से कहा कि अगले तीन दिन में वह नगर के सभी 7 कांजी हाऊस की कुल क्षमता का आकलन कर लें ताकि निराश्रित गौ-वंश को वहाँ रखा जा सके। जिले में संचालित सभी 27 गौ-शालाओं के प्रबंधकों से चर्चा कर उनकी गौ-शाला की क्षमता का आंकलन कर गौ-वंश रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त गौ-शाला की अन्य व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे पशुपालक, जो सड़कों पर गायों को निराश्रित स्थिति में छोड़ देते हैं, उन्हें ताकीद किया जाये कि 15 जनवरी के बाद उनकी गाय सड़कों पर या खुले स्थान पर मिलती है, तब गाय को कांजी हाऊस/ गौ-शाला में भेज दिया जायेगा और पशुपालक के विरुद्ध हैवी पैनल्टी अधिरोपित की जायेगी।
    बताया गया कि 4 लाख 37 हजार 910 निराश्रित पशुओं की संख्या है। प्रदेश में कुल पंजीकृत 1285 गौ-शाला में 614 क्रियाशील हैं, जिनमें 1 लाख 53 हजार 834 गौ-वंश है। गौ-वंश की संख्या वर्ष 2012 की पशु संगणना के आधार पर है। वर्ष 2018 में विभाग द्वारा अनुमानित लगभग 6 लाख निराश्रित गौ-वंश है। निराश्रित गौ-वंश के लिये गौ-शालाओं को खोलने के लिये स्थान चिन्हित करने और गौ-शाला संचालन के लिये वित्तीय प्रबंधन आदि पर भी चर्चा की गई।
(165 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2019जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer