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पुराने कर्ज से दबे किसान होंगे कर्ज मुक्त "सफलता की कहानी"
कर्ज का दाग धो दिया सरकार ने, अब नए सिरे से खेती करेंगे
खरगौन | 12-फरवरी-2019
 
 
    समय-समय पर सामने आता रहा है कि फला किसान ने कर्ज के दबाव में आत्महत्या कर ली है। ऐसी स्थिति किसी भी सरकार के लिए बड़ी ही चिंताजनक होती है। षासन किसानों के कर्ज को लेकर चिंतित होकर हमेषा तरह-तरह की योजनाएं लागू करती रही है। मप्र सरकार ने एक ऐसी योजना बनाई, जिससे प्रदेष के सभी खाताधारक किसान एक साथ एक ही योजना से कर्ज से मुक्त हो जाएंगे। दरअसल इस योजना से केवल सहकारी बैंकों के किसान नहीं बल्कि सभी राष्ट्रीयकृत और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के किसान भी अपने 20 वर्ष पुराने कर्ज से मुक्त हो रहे है। मप्र शासन की जय किसान ऋण मुक्ति योजना से 1 अप्रैल 2007 से ऐसे किसान जिन्होंने ऋण प्रदान करने वाली संस्था से फसल ऋण लिया है और वे 31 मार्च 2018 की स्थिति में कालातीत है। वही इस योजना के दायरे में वो किसान भी आएगें जिनके 31 मार्च 2018 की स्थिति में ऋण बाकी है और जिन्होंने 31 मार्च के बाद 12 दिसंबर 18 तक कर्ज की राषि जमा की हो। प्रदेष के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने 31 मार्च 2018 की स्थिति में बकाया कर्ज और कालातीत किसानों के अधिकतम 2 लाख रूपए तक का ऋण मुक्त करने का एलान कर दिया।
अब नहीं बचा कोई कर्ज सरकार ने दाग मिटा दिया
     खरगोन की सुमनबाई भूरिया के पास 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिससे वो अपने परिवार का पोषण करती है। उन्होंने ने सहकारी संस्था से जरूरत के हिसाब से समय-समय पर कर्ज लिया था। अपने खेतों को सींचने के लिए पहले कुआं खुदवाया और फिर ट्यूबवेल मगर दोनों में असफलता मिली। ऊपर से सोसायटी का कर्जा परिवार के लिए एक बड़ा तनाव का कारण रहा। हर बार फसल से होने वाले कुछ मुनाफे से कर्ज जमा करते रहें मगर लगातार कर्ज बना रहा। सुमनबाई कहती है कि सरकार की यह योजना उनके और उनके परिवार के लिए वरदान साबित होगी। उन पर 74882 रूपए का कर्ज है। इसके लिए उन्होंने हरा फार्म भी भर दिया है। उन्हें बस 22 फरवरी का इंतजार है। उनका परिवार पुराने कर्ज से मुक्त होकर नई उम्मीद के साथ कृषि करेंगे।
 
(9 days ago)
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