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भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए आदर्श आचरण संहिता जारी
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शाजापुर | 14-मार्च-2019
 
   
    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कर्मचारियों के लिए आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील की गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री श्रीकांत बनोठ ने जिले के शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देश दिये है कि वे लोकसभा निर्वाचन 2019 के दौरान आदर्श आचरण संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। चुनाव के दौरान निष्पक्षता से कार्य करे। श्री बनोठ ने कहा कि शासकीय कर्मचारियों को किसी भी प्रकार के चुनाव अभियान या प्रचार में भाग नही लेना चाहिए तथा उन्हें यह देखना चाहिए कि उनकी सरकार में हैसियत या अधिकारो का लाभ कोई दल या उम्मीदवार न ले सके। निर्वाचन में किसी अभ्यर्थी के लिए कार्य करना म.प्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानो के विपरित होगा। निर्वाचन के दौरान अधिकारी, कर्मचारी न तो किसी अभ्यार्थी के लिए कार्य करेंगे और न ही मत डालने में कोई असर डालेगे। इसके अलावा कोई शासकीय सेवक निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणना अभिकर्ता के रूप में कार्य नही कर सकता है।
    श्री बनोठ ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1991 की धारा 28 क के अधीन निर्वाचन के संचालन के लिये नियोजित समस्त अधिकारी, कर्मचारी तथा राज्य सरकार द्वारा पदाभिहित पुलिस अधिकारी निर्वाचन के परिणाम घोषित होने तक निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर समक्ष जावेगे और उस समय तक निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन रहेगे। निर्वाचन में संशक्तः पदीय कर्तव्य  को सुनियोजित तरीके से जिम्मेदारी पूर्वक कराना विधि द्वारा उपेक्षित कर्तव्य है, जिसकी अवहेलना शासकीय सेवक को दंड का पात्र बनाती है। चुनाव की अवधि में केंद्र या राज्य शासन के कोई मंत्री किसी ऐसे निर्वाचन क्षेत्र में शासकीय दौरा नही करेगे, जिसमें निर्वाचन की घोषणा हो चुकी है। केवल प्राकृतिक आपदा स्थितियों को छोडकर। यदि मंत्री संस्था या पार्टी की ओर से आम सभा आयोजित करते है तो सभा की व्यवस्था नही की जाए, केवल कानून एवं व्यवस्था बनाए रखना सुनिश्चित किया जाएगा। यदि कोई मंत्री चुनाव के काम के लिए कही जाते है, तो शासकीय कर्मचारी तथा अधिकारी उनके साथ नही जाएंगे। उन अधिकारियों को छोड़कर  जिन्हें ऐसे सभा या आयोजन में कानन व्यवस्था सुरक्षा के लिए या कार्यवाही नोट करने के लिए तैनात किया गया हो, दूसरे अधिकारियों को ऐसी सभा या आयोजन में शामिल नही होना चाहिए। जब किसी मंत्री मंत्री को निजी मकान पर खाने-पीने के लिए आमंत्रित किया जाता है तो कोई शासकीय अधिकारी, कर्मचारी उसमें शामिल न हो।
(7 days ago)
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