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इंटरनेट के इस युग में मोबाइल और अंगूठा दोनों का उपयोग सोच-समझकर करें- न्यायाधीश श्री जोशी
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बड़वानी | 26-मई-2019
 
   
    इंटरनेट के इस युग में मोबाइल और अंगूठा दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए इन दोनों का उपयोग अत्यंत सावधानी से करना चाहिए, नहीं तो साइबर फ्रॉड करने वाले आप की संपूर्ण जानकारी के साथ ठगी करने को तैयार बैठे हैं। अगर कोई मोबाइल पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) पूछे तो कभी ना बताएं, इसी प्रकार अगर कोई कहीं पर अंगूठा लगाने का कहे तो कभी ना लगाएं। क्योंकि इन दोनों के जरिए ही साइबर ठगी की जा सकती है।
          अपर जिला सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री हेमंत जोशी ने उक्त बातें रविवार को प्रातः जॉगर्स पार्क में नगर के युवा, प्रबुद्धजन, व्यापारी, ग्रहणी, आम जनों को संबोधित करते हुए कही। जिला विधिक साक्षरता के तहत साइबर ठगी पर आयोजित इस कार्यशाला के दौरान न्यायाधीश जोशी ने बताया कि साइबर ठगी का स्वरूप विशाल होता जा रहा है। इस ठगी के शिकार पढ़े-लिखे लोगों के साथ-साथ निरक्षर भी हो रहे हैं। क्योंकि आज नेट बैंकिंग, एटीएम का उपयोग सभी कर रहे हैं। ठगी से बचने का एक ही रास्ता है कि हम साइबर ठगी की संपूर्ण जानकारी रखें, जिससे दूर कहीं बैठकर कोई हमें उल्लू बना कर ठगने ना पाए।
         कार्यशाला के दौरान साइबर सेल के उपनिरीक्षक श्री रितेश खत्री ने बताया कि अब साइबर ठग छोटे शहरों, गांवों के भोले-भाले लोगों को ठगने का कार्य कर रहे हैं। क्योंकि बड़े बड़े शहरों के लोग अब जागरूक हो गए हैं, वे सरलता से या बहकावे में आकर अपना ओटीपी या एटीएम से रुपए निकालते समय जाने-अनजाने में अपना पिन नंबर नहीं देते। किंतु छोटे शहरों एवं गांवों के लोगों में अभी इतनी जागरूकता नहीं आई है कि वे इन ठगों के प्रश्नों, दिए जा रहे हैं लालच को समझ सके।
          कार्यशाला के दौरान साइबर विशेषज्ञ श्री खत्री ने बड़वानी जिले के ठगी के कई प्रकरणों को भी साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार ठगों ने इन लूट को अंजाम दिया था। किस प्रकार ठगने वाले लोग नासमझी में इनके बहकावे में आकर अपनी धनराशि गंवा बैठे थे। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों के प्रश्नों, जिज्ञासाओं का भी समाधान साइबर विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
कार्यशाला में बताई गई प्रमुख बातें
  •     नेट बैंकिंग के दौरान कभी भी किसी को मोबाइल पर आने वाले ओटीपी को ना बताएं।
  •      एटीएम से राशि निकालने के दौरान पिन नंबर डालते समय कीपैड  पर अपने हाथ को इस प्रकार रखें कि पीछे या साइड में खड़े किसी को आप का पिन नंबर दिखाई ना दे।
  •      मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से या नेट पर विज्ञापन के माध्यम से दिए जा रहे लालच यह डर में कभी भी ना फंसे। ठगी का आभास या प्रयास होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
  •      एटीएम के माध्यम से आपके खाते से बिना निकाले राशि निकलने की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित बैंक शाखा को एवं पुलिस को सूचना दें। जिससे आपका खाता ब्लॉक किया जा सके।
  •      मोबाइल को हमेशा पासवर्ड से बंद रखें जिससे कोई इसका दुरुपयोग ना करने पाए।
  •      मोबाइल घूमने या चोरी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देते हुए कंपनी से सिम बंद करवाएं।  जिससे इसका दुरुपयोग ना होने पाए।
(24 days ago)
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