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पेड़ और जल संरक्षण देश सेवा के समान (सफलता की कहानी)
पर्यावरण के प्रति संकल्पित युवा की कहानी
खरगौन | 05-जून-2019
 
   प्रचंड गर्मी और गिरते जलस्तर ने सभी को चिंतित कर दिया है। अब सभी ओर पौधों के संरक्षण व उन पौधों को पेड़ बनाने का भी संकल्प लेने की बाते करने लगे है। खरगोन में कसरावद का एक युवा जो हरियाली और पेड़-पौधों के संरक्षण के लिए बचपन से ही काम में लगा हुआ है। बड़ा होते-होते इसे अपने व्यवसाय के रूप में शामिल कर लिया। हम बात कर रहे है 40 वर्षीय युवा दिनेश पाटीदार की, जिन्होंने मात्र 100 पौधों से वर्ष 2006 में एक नर्सरी प्रारंभ की। आज वो नर्सरी 5 लाख पौधों तक पहुंच गई है। दिनेश कहते है कि सीमा पर हमारे देश के जवान काफी है, क्या हम हमारी स्वतंत्रता और आने वाली पीढ़ी के खातिर एक पौधा लगाकर पेड़ नहीं बना सकते। दिनेश का मानना है कि अपने आसपास हरियाली रखना भी किसी देशभक्ति से कम नहीं है। आज सबसे ज्यादा जरूरत हरियाली की है। दिनेश अपनी नर्सरी में आने वाले हजारों लोगों को लाखों पौधे मुफ्त में बाट चुके है। उनका एक ही संदेश है “बस हरियाली फैलाओं“।
दुर्लभ प्रजाति के अनेक पौधों का किया संरक्षण
   दिनेश की नर्सरी में आज सैकड़ों ऐसे पौधे है, जो दुर्लभ माने जाते है। जिनका मिलना वास्तव में असंभव सा है, लेकिन उन्होंने देश के कई हिस्सों में पहुंचकर ऐसे पौधों, जड़ी बुटियों की जानकारी प्राप्त की और उनका संरक्षण अपनी नर्सरी में करने लगे। आज 100 प्रकार की औषधीय पौधे , 50-50 प्रकार के सजावटी, फलदार और वनीय पौधे हमेशा इनकी नर्सरी में होते है। दिनेश की इसी नर्सरी में वे दुर्लभ पौधे भी है, जो 9 ग्रह, 12 राशि और 27 नक्षत्रों को इंगित करते है। ये बेशकिमती पौधे उन्होंने कई लोगों को तोहफे के रूप में दिए है। इस तरह की नर्सरी बनाने के लिए राज्य उद्यानिकी मिशन की ओर से 50 प्रतिशत का ऋण स्वीकृत हुआ था।
जल संरक्षण में भी पीछे नहीं
   दिनेश ने नर्सरी में दुर्लभ प्रजाति के पौधे लगाने के साथ-साथ जल सहेजने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनकी नर्सरी के पास से बहने वाली साटक नदी जो इस बार फरवरी माह में ही सुखने की कगार पर थी। ऐसे समय में उन्होंने किसानों को साथ लेकर एक अस्थाई बोरी बंधान बनाया। आज बढ़ते तापमान में भी इस नदी से किसानों को पानी मिल रहा है। वास्तव में ऐसे युवा एकला चलों की तर्ज पर कार्य करते हुए समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए कई लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी है।
(47 days ago)
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