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गौ-शाला के लिये मिलेगा शासकीय भूमि के उपयोग का अधिकार
जिला पशु कल्याण समिति पुनर्गठित होगी ; ब्लाक स्तर पर भी बनेगी समिति, मुख्यमंत्री ने की प्रोजेक्ट गौ-शाला की प्रगति की समीक्षा
उज्जैन | 14-जून-2019
 
   
    मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मंत्रालय में गत दिवस प्रोजेक्ट गौ-शाला की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जो भी व्यक्ति या संस्था गौ-शाला खोलना चाहता है, उसे शासकीय भूमि के उपयोग का अधिकार दिया जाए। उन्होंने जिला पशु कल्याण समितियों का पुनर्गठन कर ब्लॉक स्तर पर भी पशु कल्याण समिति गठित करने के निर्देश दिए।
    मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि प्रोजेक्ट गौ-शाला के कार्यों में गति लाई जाए और समय-सीमा निर्धारित कर मुझे जानकारी दी जाए कि कौन-सी गौ-शाला कब तक शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गायों के संरक्षण के लिए आंदोलन खड़ा कर इससे अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य और लक्ष्य एक ही है कि पूरे प्रदेश में अधिक से अधिक गौ-शाला खुलें, चाहे वो शासकीय स्तर पर हों या निजी क्षेत्र के सहयोग से।
    मुख्यमंत्री ने विदेशों में भी अप्रवासी भारतीयों के बीच गौ-शाला प्रोजेक्ट का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। उन्होंने कहा कि गौ-पालन और गौ-संरक्षण के लिए कोई भी इच्छुक व्यक्ति/संस्था मुझसे मिल सकता है। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि इच्छुक लोगों को चिन्हांकित कर मुलाकात निर्धारित करें।
    श्री कमल नाथ ने गौ-शालाओं के प्रबंधन में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिये आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पशु चारे के लिये अनुदान राशि 20 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। इसके लिये बजट प्रावधान किया जायेगा। उन्होंने गौ-शाला के कम लागत के आदर्श डिजाइन तैयार करने के लिए इच्छुक संस्थाओं से प्रस्ताव बुलाने के निर्देश दिये।
    बैठक में बताया कि गौ-शाला प्रोजेक्ट में 955 गौ-शाला निर्माण का काम शुरू हो गया है। वर्तमान में 614 गौ-शालाएँ चल रही हैं। संचालित गौ-शालाओं में वर्तमान में एक लाख 60 हजार गायों का पालन-पोषण किया जा रहा है।
    उल्लेखनीय है कि प्रोजेक्ट गौ-शाला से शहरों और गाँवों में आवारा पशुओं को आश्रय मिलेगा। साथ ही, आवारा पशुओं की वजह से होने वाले सड़क हादसों और खेतों में फसल को नुकसान पहुँचाने के मामलों में कमी आएगी। प्रदेश में 614 ऐसी गौ-शालाएँ हैं, जो निजी हाथों में हैं, जिन्हें सरकार से अनुदान मिलता है। पिछली सरकार ने एक भी सरकारी गौ-शाला नहीं खोली।
    बैठक में पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव, मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव पशुपालन श्री मनोज श्रीवास्तव और अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अनुराग जैन उपस्थित थे।
(40 days ago)
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