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नेशनल लोक अदालत में 2547 लंबित प्रकरण एवं 2308 प्रिलिटिगेशन प्रकरण निराकरण हेतु रखे जाएंगे
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देवास | 12-जुलाई-2019
 
   राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री डी.के. पालीवाल के मार्गदर्शन में 13 जुलाई 2019 शनिवार को जिले के समस्त न्यायालयों में वृहद स्तर पर ’नेशनल लोक अदालत’ का आयोजन किया जा रहा है।
   नेशनल लोक अदालत के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री डी.के. पालीवाल द्वारा जिला मुख्यालय पर 15 न्यायिक खंडपीठों एवं तहसील मुख्यालय सोनकच्छ में 04, बागली में 04, कन्नौद में 04, खातेगांव में 04 एवं टोंकखुर्द में 01 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया है।  नेशनल लोक अदालत में संपूर्ण जिले के न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से 2547 लंबित प्रकरण एवं 2308 प्रिलिटिगेशन प्रकरण निराकरण हेतु रखे गए।
   नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण कराने पर विद्युत अधिनियम की धारा 126, 135 एवं 138 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं प्रिलिटिगेशन प्रकरणों, नगर निगम के जलकर एवं संपत्तिकर के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों एवं बैंक रिकवरी के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार विशेष छूट दी जाएगी।
     लोक अदालत में समझौता योग्य आपराधिक, सिविल, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा अधिनियम, भरण-पोषण मामले, विद्युत चोरी प्रकरण, चैक बाउन्स, बैंक रिकवरी, श्रम मामले, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, भू-अर्जन, नगर निगम के जलकर एवं संपत्तिकर प्रकरण आदि विषयक प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा।  
   इस अवसर पर जिला न्यायाधीश श्री डी.के. पालीवाल द्वारा आमजन से अपील की गई है कि “पक्षकार संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर नेशनल लोक अदालत में राजीनामा कर प्रकरण का निराकरण करा सकते हैं। लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर मामले का शीघ्र और बिना किसी व्यय के निराकरण होता है इससे पक्षकारों के बीच का प्रेम और स्नेह बना रहता है। नेशनल लोक अदालत में दीवानी एवं चैक अनादरण से संबंधित प्रकरणों में न्यायशुल्क राशि की वापसी होती है। अतः अधिक से अधिक पक्षकार इस अवसर का लाभ उठायें।’’
(10 days ago)
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