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रबी फसलों को पाले एवं कीट रोग से बचाव के लिये एडवायजरी जारी
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कटनी | 03-जनवरी-2020
 
   
    रबी फसलों को पाले एवं कीट रोग से बचाव के लिये किसान कल्याण तथा कृषि विकास ए.के. राठौर ने एडवायजरी जारी की है। जिले में अगले आने वाले सप्ताह में कम तामान के दृष्टिगत व गतदिनों हुई हल्की बूंदा बांदी व बादल से फसलों में कोहरे का प्रकोप होने की संभावना व्यक्त की गई है। किसान भाईयों को इस दौरान अपनी फसल को पाले से बचाव की सलाह दी जा रही है। पाले से बचाव के लिये फसलों में हल्की सिंचाई व खेत के उत्तर-पश्चिम दिशा में धुआं करने की सलाह कृषि विभाग द्वारा दी गई है। दलहनी फसलों तथा सब्जियों में घुलनशील गंधक 2 ग्राम प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर छिंड़काव करने से भी पाले का प्रकोप फसलों में बहुत कम हो सकता है।
    जैविक विधि से फसलों को पाले से बचाने के लिये 500 मिली ताजा गौमूत्र अथवा 500 मिली गाय के दूध को प्रति पंप (15 लीटर पानी) की दर से घोल बनाकर पाले से पूर्व फसल पर छिड़काव करने के लिये किसान भाईयों को कहा गया है। आलू टमाटर एवं मटर में अंगेती तथा पछेती अंगमारी के लिये मेटालेक्जिल, मेनकोजेब 2.5 ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर फसल में छिड़काव करने की सलाह दी है। मटर तथा चने की फसलों में इल्लियों का प्रकोप न हो, इसके बचाव के लिये जैविक विधि अपनाने के लिये किसानों से कहा गया है। इसके लिये खेतों मं लगभग 1.5-2 फिट उंचाई की टी-आकार की खुटियां लगाई जा सकती हैं, जिससे इन खुटियों में इल्ली भक्षक पक्षियों द्वारा इल्लियों का सफाया हो सके और फली आने पर इन खुटियों को हटा दें। चने में इल्लियों से बचाव के लिये इण्डाक्साकार्व 15.8 ईसी की 200 मिली दवा प्रति एकड़ छिड़काव करनें के लिये कहा गया है। साथ ही सरसों में माहू का प्रकोप होने पर थायोक्लोप्रिड 8 मिली प्रति 15 लीटर पानी में शाम के समय छिड़काव करने की सलाह किसान भाईयों को कृषि विभाग द्वारा दी गई है।
(16 days ago)
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