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रबी विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु संस्थाओं की पात्रता का निर्धारण
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दमोह | 23-मार्च-2020
 
      रबी विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु जारी नीति की कंडिका 4.10 में उपार्जन कार्य हेतु संस्थाओं की पात्रता का निर्धारण राज्य शासन द्वारा किया गया है। जिले में निर्धारित उपार्जन केन्द्रों की स्थापना हेतु पात्र संस्थाएं उपलब्घ नहीं होने के कारण संस्थाओं की पात्रता में शिथिलता प्रदान करने हेतु जिलों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर अनुमतियां जारी की गई है, जिन संस्थाओं को किसान पंजीयन, उपार्जन हेतु शिथिलताएं प्रदाय की गई है, उनको रबी विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जन का कार्य दिये जाने के संबंध में आयुक्त एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं की सहमति से दिशा निर्देश जारी किये गये है।
 
      जारी दिशा निर्देशानुसार विगत दो रबी एवं खरीफ उपार्जन में जिन संस्थाओं के द्वारा उपार्जित एवं स्वीकृत मात्रा में 0.25 प्रतिशत से अधिक का अंतर रहा है, जिसके कारण संस्था को यदि वित्तीय हानि हुई है तो उसकी वसूली उत्तरदायी अधिकारी, कर्मचारी से करने के उपरांत ही उपार्जन का कार्य सौंपा जाये। सहकारी संस्थाओं द्वारा वित्तीय पत्रक प्रस्तुत न करने के कारण संस्था का अंकेक्षण लंबित होने की स्थिति में संस्था से उपार्जन कार्य प्रारंभ होने के पूर्व वित्तीय पत्रक प्रस्तुत किये जाने के उपरांत ही उपार्जन कार्य प्रारंभ कराया जाये। विगत वर्षो में उपार्जन में अनियमितता के कारण जिला उपार्जन समिति द्वारा संस्था को उपार्जन का कार्य देने हेतु सहमति नहीं दी गई है, ऐसी संस्थाओं द्वारा उपार्जन कार्य हेतु कोई आवेदन प्रस्तुत करने की स्थिति में संस्था के उत्तरदायी अधिकारी, कर्मचारी को सेवा से पृथक कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्यवाही पूर्ण होने तथा संस्था में नवीन कर्मचारी नियुक्त करने की स्थिति में जिला उपार्जन समिति द्वारा ऐसी संस्था को उपार्जन कार्य देने की अनुशंसा की जा सकेगी।
 
      इन संस्थाओं को उपार्जन कार्य देने की स्थिति में पुन: उपार्जन कार्य में अनियमितता न की जाये, इस हेतु उपार्जन केन्द्र पर एफएक्यू स्कंध का क्रय, सही मात्रा में तौल, फर्जी खरीदी को रोकने एवं समय पर परिवहन कराने हेतु खाद्य एवं राजस्व विभाग के पृथक-पृथक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाये, जो इसके लिये उत्तरदायी होंगे।
 
      जिला उपार्जन समिति द्वारा विशेष रूप से उक्त संस्थाओं द्वारा किये जा रहे उपार्जन कार्य की मॉनीटरिंग की जाये, इन संस्थाओं में किसी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर संबंधित संस्था के अधिकारी, कर्मचारी के साथ-साथ पर्यवेक्षण अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी मानते हुये कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
 
(9 days ago)
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