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आमजन को लू से बचने व उपचार के बारे में सावधानियां
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सागर | 16-मई-2020
     गर्मी के मौसम में लू (तापघात) की संभावना बढ जाती है। यह जानलेवा भी हो सकती है। ग्रीष्म ऋतु में पीने के पानी की बहुत कमी हो जाती है एवं पानी के दूषित होने की संभावना भी होती है। इसके कारण जलजनित बीमारियों की महामारी होने की संभावना भी बढ जाती है। आमजन को लू से बचने व उपचार के बारे में निम्न सावधानियां रखना जरूरी है।
1. गर्मी के दिनों में धूप में बाहर जाते समय सफेद या हल्के रंग के ढीले कपडों का प्रयोग करें बिना भोजन किये बाहर ना निकलें भोजन करके एवं पानी पीकर बाहर निकलें।
2. गर्मी के मौसम में गर्दन के पीछे के भाग कान व सिर को गमछे या तौलिये से ढककर ही धूप में निकले रंगीन चष्में व छतरी का उपयोग करें।
3. गर्मी में हमेषा अधिक मात्रा में पानी एवं पेय पदार्थों का सेवन करें।
4. जहाॅं तक संभव हो ज्यादा समय तक धूप में खडे होकर व्यायाम मेहनत/अन्य कार्य ना करें बहुत अधिक भीड ,घर में घुटन भरे कमरों रेल बस आदि की यात्रा गर्मी के मौसम में अत्यावष्यक होने पर ही करे घर से बाहर ना निकलें।
यदि कोई व्यक्ति लू (तापधात) से प्रभावित होता तो निम्न तरीकों से प्राथमिक उपचार किया जावे।
1. रोगी को तुरंत छायादार जगह पर कपडे ढीले कर लिटा दें एवं हवा करें।
2. रोगी को होष में आने की दषा में उसे ठण्डे पेय पदाथ्र जीवनरक्षक घोल कच्चा आम का पना आदि दें प्याज का रस अथवा जौ के आटे को भी ताप नियंत्रण हेतु शरीर पर मला जा सकता है।
3. रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिये संभव हो तो उसे ठण्डे पानी से स्नान करायें या उसके शरीर पर ठण्डे पानी की पट्टियां रखकर उसके पूरे शरीर को ढक दें इस प्रक्रिया को शरीर का तापमान कम होने तक दुहरायें।
उपरोक्त उपचार से मरीज ठीक नहीं होता हे तों उसे निकटतम स्वास्थ्य संस्था में जाकर उपचार लें डॉ. एम.एस. सागर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सागर ने बताया की जिले की समस्त स्वास्थ्य संस्था प्रभारियों को कार्ययोजना अनुसार मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा सघन प्रचार प्रसार करने एवं उक्त सावधानियों को जनमानस तक पहुंचाने के निर्देश दिये गये हैं।
(22 days ago)
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