समाचार
|| कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन ने लॉकडाउन का अनलॉक अवधि के समस्त क्रियाकलाप/गतिविधियों के लिए दिशा निर्देश जारी किये || 04 जुलाई तक जिले में हुई वर्षा की जानकारी || जिले में 06 जुलाई की सुबह 7:00 बजे तक रहेगा टोटल लॉकडाउन || जिले में आगामी 4 दिनों का मौसम पूर्वानुमान || पिछले 24 घण्टे में सर्वाधिक वर्षा पेटलावद में दर्ज || कृषि विभाग द्वारा जिले के किसानों को सामयिक सलाह || किल कोरोना अभियान के तहत 1 लाख 89 हजार 188 लोगो की अबतक हुई स्क्रीनिंग || ‘परिवार कल्याण ‘ विषय पर हेलो आशा फोन ईन कार्यक्रम का प्रसारण 7 जुलाई को || मंत्री श्री सकलेचा जल्‍दी ही जावद क्षेत्र की आमजनता के बीच उपस्थित होंगे || 10 वीं बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को कैबिनेट मंत्री श्री सखलेचा ने दी शुभकामनाएं
अन्य ख़बरें
टिड्डी दल की आशंका के दृष्टिगत किसानों को सामायिक सलाह
-
रतलाम | 18-मई-2020
 
    राजस्थान से मध्यप्रदेश के सीमावर्ती नीमच, मंदसौर जिले में टिड्डी दल का आगमन हो चुका है। रतलाम जिला भी राजस्थान का सीमावर्ती होने के कारण टिड्डी दल की आशंका बढ़ जाती है। टिड्डी दल से बचाव के लिए उपसंचालक किसान कल्याण कृषि विकास विभाग श्री जी.एस. मोहनिया ने किसानों को सामायिक सलाह जारी की है।
         उपसंचालक ने कहा है कि टिड्डी दल हरी पत्तियां तुरंत खा जाता है, यह बड़ी संख्या में एक साथ आती हैं, दिन में उड़ती है तथा रात में बैठती हैं। किसान बंधु शाम को टीड्डी झुंड को एक साथ अपने खेत में बैठे हुए देखे तो रात में ही खेत में कल्टीवेटर चला दे। कल्टीवेटर के पीछे खंबा, लोहे का पाइप या कोई ऐसी वस्तु बांध के चलाएं जिससे पीछे की भूमि वापस समतल हो जाए तथा टिड्डी दल उसमें दबने से मर जाए। साथ ही कर्कश ध्वनि जैसे टीन, कनस्तर, डब्बा आदि बजाकर ध्वनि प्रसारित करते रहें।
         यदि टिड्डी दल जीवित रहता है तो आसपास की हरियाली को नष्ट कर देता है, सारे हरे पत्ते खाकर नष्ट कर देता है। किसानों से अपील की गई है कि अगर कहीं पर टिड्डी दल देखने को मिले तो उसकी सूचना प्रशासन को देवें। किसानों को वैज्ञानिक उपायों के बारे में बताया गया है कि स्प्रे पंप विशेषकर जिनके पास ट्रैक्टर ट्राली, स्प्रे पंप हो, उसमें क्लोरो पायरी फास 20 प्रतिशत, ईसी दवा 1200 मिलीलीटर अथवा डेल्टा मेथीरीन 2.8 प्रतिशत, ईसी 600 मिलीमीटर अथवा लेमडा साइलोथ्रीन 5 प्रतिशत, ईसी दवा 400 मिली लीटर प्रति हेक्टेयर के मान से स्प्रे करें। साथ ही पाउडर रूपी दवा क्वीनलफास, 1.5 प्रतिशत डीपी अथवा फैन वल रेट 0.4 प्रतिशत डीपी दवा पाउडर प्रति हेक्टेयर 25 किलो ग्राम की दर से भूरकाव करें, टिड्डी दल के आक्रमण के समय दवाई नहीं होने स्थिति में किसान ट्रैक्टर चलित स्प्रे पंप की तेज बौछार करके भी रोकथाम कर सकते हैं।
(47 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जूनजुलाई 2020अगस्त
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
293012345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer