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बेटों की मदद से हस्तचालित उपकरण चला रहे थे छिंदवाड़ा के कृषक जयदेव
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जबलपुर | 23-मई-2020
 
   
     छिंदवाड़ा शहर के वार्ड नंबर 25 साबलेवाड़ी निवासी कृषक जयदेव दास द्वारा अपने बेटों की मदद से डोरा नामक हस्तचालित कृषि उपकरण के माध्यम से खेत के खरपतवार निकालने के प्रकाशित छायाचित्र के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर छिंदवाड़ा सौरभ कुमार सुमन ने मौके का जायजा लेने के लिए कृषि विभाग के उप संचालक जे.आर. हेडाऊ, उप संचालक उद्यानिकी एम.एल. उइके को तत्काल स्थल निरीक्षण कर वास्तविक तथ्य और वस्तुस्थिति की जानकारी हासिल करने के निर्देश दिए।
    कलेक्टर श्री सुमन द्वारा दिये गये निर्देशों के परिपालन में उप संचालक कृषि व उप संचालक उद्यानिकी ने मौके पर जाकर किसान जयदेव से बातचीत कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया तथा यह पाया कि जिला मुख्यालय पर छिन्दवाड़ा नगर के वार्ड नंबर-25 साबलेवाडी के निवासी कृषक श्री जयदेव दास के पास लगभग ढाई एकड़ सिंचित जमीन है, पक्का मकान है और सिंचाई के लिये कुआं पंप भी है। साथ ही दो स्वस्थ बैल भी हैं। अभी उन्होंने अपने खेत के कुछ भाग में भिंडी की फसल भी लगाई है, यहां से खरपतवार को हटाने के लिए डोरा नामक हस्त चलित उपकरण का प्रयोग किया गया है। इस उपकरण में बैल नहीं जोता जा सकता है, उसे सिर्फ हाथ से ही खींचा जा सकता है, क्योंकि यदि उसमें बैल जोता जायेगा तो बैल के खुर से फसल बर्बाद हो सकती है। उपसंचालक कृषि श्री हेडाऊ द्वारा कृषक के खेत की जुताई के लिये ट्रैक्टर भी पहुंचाया गया, लेकिन किसान श्री दास ने ट्रैक्टर से खेत की जुताई के लिये मना कर दिया, क्योंकि ट्रैक्टर से जुताई करने पर उसकी फसल बर्बाद हो जाती।
    इस प्रकार हल में बैल की जगह अपने बेटों से हल खींचकर खेत की जुताई संबंधी जानकारी को छिंदवाड़ा जिला प्रशासन ने झूठी, भ्रामक, तथ्यहीन और वास्तविकता से परे बताया है। सच यह है कि हस्तचालित कृषि उपकरण डोरा में बैल की जुताई से बोई गई फसल के कुचले जाने की संभावना थी इसलिए बैल के स्थान पर किसान जयदेव ने बेटों की मदद ली।
(3 days ago)
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