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चुनाव कार्य में गलती क्षम्य नहीं होगी - कलेक्टर
अम्बाह मुख्यालय पर विधानसभा 08 के सेक्टर ऑफीसरों की बैठक संपन्न
मुरैना | 19-जून-2020
      मुरैना जिले की 5 विधानसभाओं के उपचुनाव प्रस्तावित है। जिसमें 04 जौरा, 05 सुमावली, 06 मुरैना, 07 दिमनी और 08 अम्बाह विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण संपन्न होना है। इसके लिये संपूर्ण चुनाव में सेक्टर ऑफीसरों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। सेक्टर ऑफीसर अपने-अपने सेक्टर में भ्रमण कर यह सुनिश्चित कर लें कि किसी भी प्रकार की चुनाव कार्य में गलती नहीं होनी चाहिये। जहां समझ में नहीं आये उसे पूछा जा सकता है, किन्तु जानबूझ कर चुनाव कार्य में गलती की गई तो गलती की सजा चुनाव नियमों के तहत कड़ी होगी। यह निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती प्रियंका दास ने शुक्रवार को अंबाह मुख्यालय पर पी.जी. कॉलेज अंबाह में सेक्टर अधिकारियों को संबोधित कर रहीं थी। बैठक में संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एलके पाण्डे, एसडीएम अम्बाह श्री विनोद सिंह, तहसीलदार अम्बाह श्री सर्वेश यादव, तहसीलदार पोरसा श्री नागोरिया, अंबाह विधानसभा क्षेत्र के लिये बनाये गये सेक्टर ऑफीसर उपस्थित थे।    
    कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने कहा कि सेक्टर ऑफीसर जिसको जहां नियुक्त किया है वे 10 से 12 मतदान केन्द्रों के सेक्टर ऑफीसर रहेंगे। सेक्टर ऑफीसर अपने-अपने मतदान केन्द्रों पर भ्रमण कर मतदान केन्द्रों का निरीक्षण करें और मतदान केन्द्र के अन्तर्गत आने वाले बीएलओ, आशा कार्यकर्ता, सचिव, जीआरएस एवं अगर शासकीय भवन नहीं है तो निजी भवन मालिक का भवन खुलवाने के लिये मोबाइल नंबर लेकर सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को देखते हुये उस मतदान केन्द्र के परिसर का भी अवलोकन करंे कि आवश्यकता पड़ने पर सोशल डिस्टेंस के हिसाब से पूरे मतदाताओं को मतदान करने में असुविधा नहीं हो। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में दिव्यांगों के लिये अलग से नियम आ सकते है। पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में दिव्यांगों के लिये मतदान की सुविधा घर पर मिली थी। वह सुविधा भी चुनाव आयोग देने पर विचार कर सकते है। इसलिये ऐसे दिव्यांग मतदाता एवं बुजुर्गो के लिये भी अलग से चिन्हित करावें। उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्र नेटवर्किंग में है तो कौन सी कंपनी के नेटवर्क मिलते है वह भी लिखकर सूचित करना होगा। कई ऐसे मतदान केन्द्र है जहां नेटवर्क सुविधा नहीं है। उसकी भी जानकारी अलग से लिखित में दें। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के समय कई मतदाता ऐसे है जो अन्य राज्यों एवं प्रदेश के अन्य जिलों से लौटे है, उनके नाम सूची में देखे।  
चुनाव पूर्व की जिम्मेदारी
    यह सुनिश्चित करना के मानचित्र में दर्शाया गया मार्ग सुगम है तथा मतदान केन्द्रों के पहुंच मार्गो को सुनिश्चित करना। मतदान केन्द्र पर पानी, छाया, सीढि़या, रैम्प, शौचालय, ईमारत की भौतिक स्थिति आदि की मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करना। नये मतदान केन्द्रों का विस्तृत प्रचार प्रतिबंधित करना। यह सुनिश्चित करें कि मतदान केन्द्र मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र में है।
    यह सुनिश्चित करें कि राजनैतिक दलों के कार्यालय मतदान केन्द्र की 200 मीटर की परिधि के अन्दर तो नहीं है। अनाधिकृत प्रचार वाहनों की गतिविधियां, संपत्ति के विरूपण, अनाधिकृत प्रचार, सामुदायिक भवन, सरकारी वाहनों, शासकीय सेवकों तथा आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन पर नजर रखना है और इसकी सूचना रिटर्निंग ऑफीसर, सहायक रिटर्निंग ऑफीसर को देना है। क्षेत्र का दौरा करने और सूचना संग्रह करने के बाद अपने सेक्टर के मतदान केन्द्रों के लिये प्रपत्र व्ही.एम.एस.ओ. में विस्तृत सूचना भरना है।
    मतदाता टर्न आउट बढ़ाना, जागरूकता क्षेत्र में स्वीप क्रियाकलाप आयोजित करना। क्षेत्र में मतदाताओं को ईव्हीएम की कार्य पद्धति से परिचित कराना एवं प्रदर्शित करना। मतदाताओं के गांव, मजरे, टोले जो कि भय एवं खतरे से युक्त है, उनकी पहचान करना। तथा आरओ, एआरओ को रिपोर्टिंग करना। ऐसे व्यक्तियों की पहचान करना जो चुनाव प्रक्रिया को बाधित करते है, उनके नामों की पहचान कर आरओ, एआरओ को सूचना दें।  
    मतदाताओं को हेल्पलाइन एवं उनके मतदान केन्द्रों के स्थानों के बारे में सूचित करना। चूंकि सेक्टर अधिकारी मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करते है। इसलिये पुलिस अधिकारी उनके साथ रहेंगे। इसके अतिरिक्त निर्वाचन संबंधी अधिकारियों, पुलिस थानों, जिम्मेदार व्यक्तियों की सूची मतदान केन्द्र के आसपास के दो व्यक्तियों के मोबाइल नम्बर अपने पास रखना ताकि बेहतर समन्वय कर कार्य संपादित कर सके।
    यह सुनिश्चित करना कि मतदान केन्द्रों पर तैनात बल कार्यरत है। वास्तविक मतदान प्रारंभ होने के पूर्व माकपोल करवाना एवं उसकी रिपोर्टिंग करना। यह सुनिश्चित करें कि दिखावटी मतदान के पश्चात् उपस्थित एजेण्टों को परिणाम दिखाकर मशीन की सीआरसी कर ली गई है। यदि आवश्यक हो तो रिजर्व दल से मतदान केन्द्र पर मतदान कर्मी को बदलना।
    उस मतदान केन्द्र पर बार-बार भ्रमण करना जहां दिखावटी मतदान एजेण्टों की अनुपस्थिति/एक मतदान एजेण्ट की उपस्थिति में हुआ हो। मतदान प्रारंभ होने की सूचना कंट्रोल रूम को देना। जहां आवश्यक हो वहां ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपैट को बदलना। मतदान अभिकर्ताओ की उपस्थिति, अनुपस्थिति की मतदान केन्द्रवार जानकारी और सूचना देना। यह सुनिश्चित करना कि भययुक्त एवं आतंकित मतदाताओं के द्वारा मत डाला जा चुका है। यदि नहीं तो आरओ को रिपोर्ट करना। जिससे कि वे ऐसे प्रबंध कर सके कि मतदाता भयमुक्त वातावरण में वोट डाल सकें।
    उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एलके पाण्डे ने कहा कि मतदान दिवस पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर कार्यवाही करना एवं आदर्श आचार संहिता का पालन करना। मतदान दलों द्वारा मतदान मशीन की शीलिंग तथा विभिन्न प्रपत्रों की जांच करना। मतदान दल के साथ ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपैट को सुरक्षित केन्द्र पर जमा कराने पर सुरक्षा प्रदान करना। पीठासीन अधिकारी की डायरी समुचित रूप से भरी हुई है। ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपैट शील बंद है। प्रारूप 17ए मतदाता रजिस्टर समुचित रूप से भरा हुआ है। पीठासीन अधिकारी द्वारा सभी निर्धारित प्रारूप एवं अतिरिक्त महत्वपूर्ण सूचनायें मतदान केन्द्र पर ही पूर्ण कर ली गई है। यह सुनिश्चित करें कि पीठासीन अधिकारियों के द्वारा मतदान समाप्ति के उपरांत कंट्रॉल यूनिट का क्लोज बटन दवा दिया गया है।    
मतदान पूर्व संध्या की जिम्मेदारी
    यह सुनिश्चित करना कि मतदान केन्द्रों पर मतदान दल तथा आवश्यक सामग्री पहुंच गई है। यह सुनिश्चित करना कि योजनानुसार मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा बल पहुंच गया है। मतदान प्रक्रिया तथा ईव्हीएम के संचालन के विषय में, मतदान अधिकारियों की अंतिम शंकाओं का निवारण करना। नियंत्रण कक्ष को ओके रिपोर्ट देना। बैठक में एसडीएम अम्बाह ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
 
(13 days ago)
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