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पुन: कृत्रिम पैर मिलने से श्रीमती इंदिरा डेहरिया की चलने-फिरने की मुश्किल हुई आसान "खबर खुशियों की"
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छिन्दवाड़ा | 09-जुलाई-2020
     मानव शरीर के हर एक अंग की अपनी अलग उपयोगिता और महत्व है। सभी अंगों के आपसी सामंजस्य से ही मनुष्य अपनी दिनचर्या सहित तमाम साधारण और विशेष कार्यों को कर पाता है, लेकिन दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें या तो जन्मजात या किसी बीमारी या किसी दुर्घटनावश शरीर के किसी अंग को खोना पड़ता है। ऐसे में उन्हें अपनी दिनचर्या के कार्यों को करने में भी कितनी असुविधा होती होगी इसका अंदाजा लगाया ही जा सकता है। खुशी की बात यह है कि अब ऐसे लोगों की यह असुविधा स्थाई नहीं रही और अब वह फिर से सामान्य जीवन जी सकते हैं। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र ऐसे लोगों की असहजता और परेशानी को दूर करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के माध्यम से विगत दिनों कृत्रिम पैर मिलने से अब श्रीमती इंदिरा डेहरिया की मुश्किल भी आसान हो गई है और वे शासन एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र को खुश होकर धन्यवाद दे रही हैं।
      जिले के चौरई विकासखंड के ग्राम खुटिया की 45 वर्षीय श्रीमती इंदिरा डेहरिया को गैंग्रीन की बीमारी के कारण अपना बायां पैर खोना पड़ा था । इसके बाद से उन्हें सामान्य जीवनयापन में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता था। उनके जीवनयापन में असहजता होने से उनमें मायूसी आने लगी थी, लेकिन जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र ने कुछ वर्षों पहले उन्हें कृत्रिम पैर प्रदाय कर उनकी मायूसी दूर की । इसके बाद से श्रीमती डेहरिया भी काफी हद तक सामान्य लोगों की तरह जीवनयापन करने लगी । पिछले कुछ वर्षो में लगातार उपयोग से उनका कृत्रिम पैर खराब होने लगा था और चलने फिरने में तकलीफ होने से वे फिर मायूस होने लगी थीं, लेकिन विगत दिवस जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र ने उन्हें फिर से नया कृत्रिम पैर प्रदाय कर दिया है और अब वे खुशी-खुशी फिर से चलने-फिरने लगी हैं।
     प्रशासनिक अधिकारी श्री पंचलाल चंद्रवंशी ने बताया कि मोहबे मार्केट स्थित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में अब नई टेक्नोलॉजी से उपचार किये जा रहे हैं। इस केंद्र में दिव्यांगों के लिये फि‍जियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, आडियोमीट्री, साइकोलॉजिकल काऊंसलिंग, मोबिलिटी ट्रेनिंग, विशेष शिक्षा आदि योजनायें संचालित की जा रही है और उन्हें लाभांवित किया जा रहा है। दिव्यांगजनों को अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिये फील्ड एंड पब्लिसिटी असिस्टेंट के द्वारा फील्ड में जाकर दिव्यांगों को आवश्यक जानकारी प्रदान की जा रही है। इस तरह उन्हें सशक्त बनाकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिले के जरूरतमंद कोई भी दिव्यांग इस केंद्र में आकर शासन की योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
(37 days ago)
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