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कपास फसल में गुलाबी इल्ली प्रकोप से बचाव के लिए किसानों को आवश्यक सलाह
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बुरहानपुर | 22-जुलाई-2020
    कपास फसल जो पहली बोनी की है, उसमें कही-कही पर गुलाबी इल्ली की तितलियां दिखाई दे रही है, जिसने अण्डा देना प्रारंभ कर दिया है इस कारण इल्ली लगना प्रारंभ हो गई है। ग्राम निम्बोला में कृषक श्री मधुकर नारायण पाटील के खेत में अवलोकन किया गया है, जहां पर गुलाबी इल्ली की मादा तितली की निगरानी के लिये फेरोमेन ट्रेप लगाये गये है एवं कृषको को इल्ली नियंत्रण की सलाह दी गई है। यह जानकारी उपसंचालक श्री एम.एस.देवके ने दी। उन्होंने बताया कि कपास फसल में रसचूसक कीटो के साथ-साथ में गुलाबी इल्ली का आक्रमण होता है। गुलाबी इल्ली कपास की कली में छेद कर अन्दर घुस कर रेशो को खाती है। जिससे कपास की गुणवत्ता के साथ-साथ उत्पादन में कमी होती है। अतः जिले के किसान भाईयों को सलाह दी जाती है, कि कपास की खेती की सत्त निगरानी करे एवं रोकथाम के उपाय अपनाये -
1. कपास फसल में गुलाबी इल्ली की रोकथाम के लिये वयस्क पतंगो को नियंत्रित करना जरूरी है। गुलाबी इल्ली के वयस्क पतंग अर्थात तितली जो की आम तौर पर चित्तीदार धूसर से धूसर भूरे रंग की होती है। यह मादा तितली दिखने में लम्बी पतली और भूरे रंग की होती है। इनके पंख झालरदार अण्डाकार होते है। मादा तितलियां कपास की कलियों के सहपत्रों के अंदर की तरफ नीचे अण्डे देती है। अण्डों से 4-5 दिन में इल्ली बाहर निकल आती है जो तुरन्त कलियों के अंदर घुस जाती है। इल्ली का सिर गहरा भूरा और शरीर सफेद होता है, पीठ पर गुलाबी आडी धारिया होती है। वयस्क होने पर इल्लियां धीरे-धीरे गुलाबी दिखने लगती है जो बीज कोषो अर्थात कपास की केरी को खोलकर इल्लियों को अन्दर खाते हुये देखा जा सकता है।
2. कपास के खेत में कम से कम 10 लकडी की ’’टी’’ आकर की खुटिया लगाये जिससे की खुटियो पर पक्षी बैठ सके।
3. तीन फेरोमेन्ट ट्रेप प्रति एकड लगाये यदि लगातार तीन दिन तक प्रत्येक फेरोमेन्ट ट्रेप में लगभग 08 तितलियां दिखाई दे या 20 झेण्डू में 2 से अधिक इल्लियां दिखाई देने पर ही कीटनाशक दवाई का उपयोग करें।
4. गुलाबी इल्ली से ग्रसित फूल पूर्ण रूप से नही खुलता तथा गुलाब की कली जैसा दिखाई देता है प्रकोप बढने पर कपास की केरी काला होकर गलने लगता है
गुलाबी इल्ली के रोकथाम हेतु निम्न कीटनाशक दवा का उपयोग करे
थायोडीकार्ब 75 wp 40 ग्राम प्रति पंप $ डेसिस 15-100 ग्राम प्रति पंप 15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे या 5 प्रतिशत निम्बोली अर्क अथवा क्यूनालफास 25 इसी 10 लीटर पानी में 20 एम.एल. अथवा प्रोफेनोफास 75 wp $ सायपरमेथ्रिन 4 प्रतिशत (44 इसी) 10 एम.एल. मे से किसी एक कीटनाशक का उपयोग करें।
ग्राम निम्बोला में फसल का अवलोकन करते समय उप परियोजना संचालक आत्मा श्री आर.एस. निगवाल, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जे.एस. चौहान, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री एन.डी. कुलकर्णी, कंपनी प्रतिनिधी श्री पी.सी. बिस्नोई एवं श्री हेमंत पाटील तथा ग्राम के कृषक उपस्थित रहे।


 
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