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आर्थिक मंदी के बाद कमल और लता ने शासन के सहयोग से शुरू किया व्यवसाय "सफलता की कहानी"
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खरगौन | 23-जुलाई-2020
    शहर के सुखपुरी में रहने वाले पति-पत्नी कमल व लता प्रजापत ने लॉकडाउन में आई आर्थिक मंदी का सामना बड़े हौसले के साथ किया। दोनों ने अपने जीवन की पूंजी लॉकडाउन के दौरान परिवार के पालन-पोषण में लगा दी। लॉकडाउन के दौरान परिवार में एक वक्त पर घर में खाने की सामग्री खत्म हो गई थीं। तब नगर पालिका व सामाजिक संस्थाओं द्वारा प्रदान की गई खाद्य सामग्री से परिवार पेट भरता रहा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद फिर से अपना काम शुरू करने के लिए 2-3 प्रकार की मिट्टी, कोयले व अन्य सामग्री की जरूरत हुई। उनके पास राशि नहीं होने से हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे, लेकिन तब प्रधानमंत्री पथ विक्रेता योजना से उनकों उम्मीद की किरण दिखाई दी। नगर पालिका में ऑनलाईन आवेदन करने के बाद पति-पत्नी दोनों को 10-10 हजार रूपए की राशि योजना के तहत प्राप्त हुई। अब दोनों मिलकर आने वाले सीजन में करवा चौथ, ईंट और अन्य मिट्टी के बर्तन बनाने में जुट गए है। उन्होंने शासन के सहयोग से मिट्टी खरीदने के अलावा आवश्यक सामग्री भी खरीद ली है। कमल प्रजापत कहते है कि अगर योजना से उनकों लाभ नहीं मिलता, तो बाजार से कर्ज लेकर उन्हें अपना पुस्तैनी काम शुरू करने में बड़ी समस्या आती। अब उनका जीवन सामान्य होकर पटरी पर आने लगा है।
              लता कमल प्रजापत की ही तरह सुखपुरी की चंदा रामू वर्मा ने भी लॉकडाउन के दौरान बड़ी मुश्बितों में दिन बिताएं और पाई-पाई को तरस गए थे। सब्जी-भाजी बेचने का काम भी हाथों से छीन गया था। फिर से काम शुरू करना उनके लिए बड़ा मुष्किल साबित होने लगा था, लेकिन सरकार ने पथ विक्रेताओं के जीवन को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में सही समय पर योजना प्रारंभ कर जरूरतमंदों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके पुराने ही व्यवसाय व काम को शुरू करने में आर्थिक सहयोग दिया। चंदा बाई को 10 हजार रूपए की राशि मिलने के बाद से उन्होंने फिर से सब्जी-भाजी व तरकारी का छोटा सा काम अपने घर के बाहर ही दुकान लगाकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे है।
 
(62 days ago)
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