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प्रेमसर समूह ड्रेस तैयार कर आदमनी बढाने में बन रहा है सहायक (सफलता की कहानी)
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श्योपुर | 27-जुलाई-2020
       कोरोना के विरूद्ध जंग की दिशा में श्योपुर तहसील के ग्राम प्रेमसर का तुलसी स्वसहायता समूह सिलाई मशीनो के माध्यम से मास्क बनाने के साथ स्कूली छात्रो की ड्रेस तैयार कर आमदनी बढाने में सहायक बन रहा है। इस समूह को प्रतिमाह 20 हजार रूपये की आय प्राप्त हो रही है। जिससे समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ रही है।
    श्योपुर तहसील के ग्राम प्रेमसर में तुलसी स्वसहायता समूह का गठन आजीविका मिशन के कर्मचारियो के माध्यम से 11 महिलाओ द्वारा किया गया था। इस समूह की महिला मुखिया श्रीमती राजकिरण द्वारा कोरोना संक्रमण में प्रदेश की जीवन शक्ति योजना से जुडकर समूह में 10 महिलाओ को जोडकर तुलसी संगठन बनाया गया है। जिसमें 20 सिलाई मशीन के माध्यम से समूह की महिलाओ ने मास्क तैयार कर आजीविका भवन श्योपुर में बेचने के लिए भिजवाये गये। इस मास्को के बिचने से समूह की आय में धीरे-धीरे इजाफा हुआ।
    तुलसी संकुल संगठन प्रेमसर में 21 महिलाएं सामुहिक रूप से सिलाई कार्य करते हुए स्कूली बच्चो की ड्रेस बना रही है। उनकी यह ड्रेस श्योपुर जिले के अलावा मुरैना, दतिया को प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है। स्वसहायता समूह प्रेमसर में महिलाओ द्वारा तैयार की जा रही ड्रेसो के अवलोकन आज चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आरके मिश्रा एवं कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने अधिकारियो की टीम के साथ किया। समूह की महिला मुखिया श्रीमती राजकिरण ने बताया कि बडे पैमाने पर स्कूली डैªस तैयार करने पर समूह को 20 हजार रूपये प्रतिमाह की आय प्राप्त हो रही है। उसने बताया कि चंदेरी के पेटन पर राजस्थानी लहगा-चुन्नी बनाने की दिशा में समूह माल एकत्रित कर रहा है। जिससे समूह को और अधिक फायदा होगा।
    डीपीएम आजीविका मिशन श्री एसके मुदगल ने बताया कि लहगा-चुनरी बनाने के व्यवसाय से समूह की आय में 50 हजार रूपये प्रतिमाह लाभ कमाया जा सकता है। लहगा-चुनरी बनाने के लिए कपडा लाने के लिए ग्वालियर एवं भोपाल से संपर्क किया जा सकता है। ग्राम ढोटी में राधारानी स्वसहायता समूह कार्यरत है। जिनके द्वारा प्रेमसर स्वसहायता समूह की महिलाओ से सीख लेकर दुल्हनो की पोशाक तैयार की जा रही है। इन पोशाको को श्योपुर के मार्केट में बेचकर अपनी आय में इजाफा किया जा रहा है।       
(61 days ago)
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