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जिले में गौ-भैंसवंशीय पशुओं के लिए राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान 31 मई 2021 तक चलेगा
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डिंडोरी | 06-अगस्त-2020
    जिले में गौ-भैंसवंशीय पशुओं की उत्पादकता में वृद्धि के लिए राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम "NAIP" का द्वितीय चरण 01 अगस्त 2020 से 31 मई 2021 तक में किया जायेगा। डॉ. एस.एस.चौधरी उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें ने बताया कि उक्त योजनान्तर्गत गौ-भैंसवंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु उच्च अनुवांशिकता के साण्डों का वीर्य उपयोग कर कृत्रिम गर्भाधान प्रारंभ है। जिससे गौ-भैंसवंशीय पशुओं की उत्पादकता और पशुपालकों की आय में वृद्धि की जा सके। जिले के 07 विकासखण्ड में 500 मुख्य ग्रामों और उनके अधीनस्थ 103 ग्रामों का चयन किया जा चुका है। प्रत्येक चयनित ग्राम में 100 मादा गौ-भैंसवंशीय पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान का कार्य किया जावेगा। इस तरह जिले में कुल 50000 मादा गौ-भैंसवंशीय पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान का कार्य 01 अगस्त 2020 से 31 मई 2021 में किया जावेगा। उन्होंने बताया कि ग्रामों के चयन हेतु कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता "स.प.चि.क्षे.अ./मैत्री" की उपलब्धता गौ-भैंसवंशीय पशुओं की संख्या मिल्क रुट हेतु निर्धारित ग्रामों का आधार लिया गया है। प्रत्येक महीनें में योजना की समीक्षा जिला स्तर पर की जायेगी।     
       उप संचालक ने बताया कि इस योजना में जिले के स.प.चि.क्षे.अ./मैत्री/ए.आई. प्रायवेट प्रेंक्टीशनर्स गौ-भैंस वंशीय मादा पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान नियुक्त किया गया है। चिन्हित ग्रामों में कृ.ग. निःशुल्क रहेगा तथा पशुपालकों से किसी भी तरह का शुल्क नही लिया जावेगा। सभी पशुओं का यू.आई.डी. टेग लगाकर पंजीयन किया जावेगा और पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी प्रमाण पत्र "नकुल कार्ड" पशुपालक को दिये जायेंगे। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने स्थानीय जनप्रतिनिधि जैसे जनपद अथवा ग्रामपंचायत स्तर के पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान के प्रति पशुपालकों में जनजागृति लाने तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु नियुक्त जिले के स.प.चि.क्षे.अ./मैत्री/ए.आई. प्रायवेट प्रेंक्टीशनर्स को कार्यक्रम के सफल बनाये जाने में आवश्यक सहयोग प्रदाय करें जिससे योजना का क्रियान्वयन प्रभावशील हो सके।     
 
(44 days ago)
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