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दिव्यांगजनों को घर पहुंचाकर दी जा रही सेवाएं
मददगार बन रहे कंट्रोल रूम
मण्डला | 10-अक्तूबर-2020
प्रशासन की संवेदनशीलता ही शासन की कल्याणकारी योजनाओं को सफल कर सकती हैं। इस मंत्र को आत्मसात करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने दिव्यांगजनों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ घर पहुंचाकर देने का कार्य प्रारंभ किया है। इस संबंध में विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिव्यांगजनों को मदद पहुंचाई जा रही है।
इस संबंध में सीईओ जिला पंचायत तन्वी हुड्डा ने बताया कि शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए दिव्यांगजनों को विभिन्न कार्यालयों में आकर दस्तावेजीकरण की कार्यवाही करनी होती थी। दिव्यांगजनों को दूरस्थ अंचलों से कार्यालय आने तक मुश्किलों का भी सामना करना पड़ता था जिसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा उन्हें घर पहुंचाकर योजनाओं से लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है।
विकासखंड स्तर पर बने कंट्रोल रूम
    दिव्यांगजनों की सरलता के लिए प्रत्येक विकासखंड के बीआरसी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें दिव्यांगजनों की भाषा समझ सकने वाला प्रशिक्षित स्टाफ (एमआरसी) उनकी समस्याओं को सुनते हुए उनके निराकरण की समुचित पहल करता है। कंट्रोल रूम में मेडीकल प्रमाण पत्र नवीनीकरण, यूडीआईडी, कृत्रिम अंग, पेंशन, छात्रवृत्ति, कैरियर काउंसलिंग आदि से संबंधित सहयोग प्रदान किया जाता है। अभी तक कुल 50 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनका नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया गया। कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर प्रत्येक पंचायत स्तर तक साझा किया गया है।
उपकरणों के लिए 706 दिव्यांगजन चिन्हित
     जिले के 706 बच्चों को कृत्रिम अंग (उपकरण) के लिए चिन्हित किया गया है जिनमें दृष्टिबाधित 12, सेरेबल पाल्सी 49, श्रवण बाधित 147, गामक अक्षमता 76, अल्प दृष्टिबाधित 96, बहु विकलांग 41, मानसिक मंद 173, अस्थि बाधित 94 एवं आर्टिस्म दिव्यांग 18 सम्मिलित हैं। सभी के लिए आवश्यकतानुसार उपकरणों का चिन्हांकन किया गया है। दिव्यांजन सहायता केन्द्र से दर्ज शिकायतों का अभी तक विकासखण्ड नैनपुर से 5 बच्चों को 2 ट्राई साईकिल, 1 व्हील चेयर, 1 हेयरिंग ऐड, 1 बैशाखी प्रदान की जा चुकी है। शेष दिव्यांगजनों को उपकरण प्रदान करने के लिए पंचायत एवं समाज कल्याण तथा जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा कार्यवाही प्रचलन में है।
10646 हितग्राहियों को मिल रही सामाजिक सुरक्षा पेंशन
    जिले में लगभग 10646 हितग्राही सामाजिक सुरक्षा पंेशन से लाभांन्वित हो रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्त पेंशन 3078, बहु विकलांग और मानसिक मंद निशक्तजनों को आर्थिक सहायता 1371, सामाजिक सुरक्षा निशक्तजन पेंशन योजना 5214 और सामाजिक सुरक्षा दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन पेंशन योजना से 803 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। सामाजिक न्याय निःशक्तजन कल्याण योजना अंतर्गत विगत सत्र 46 हितग्राही जिनके विवाह किये गये थे जिनमें से 6 हितग्राहियों को प्रोत्साहन योजना का लाभ अभिलेखों की कमी के कारण पूर्ति प्रदान नहीं किया जा सका था तो दिव्यांजन सहायता केन्द्रों में हितग्राहियों द्वारा समस्या दर्ज कराने पर सारे अभिलेख दुरूस्त कराते हुए समय-सीमा में 2-2 लाख रूपये की राशि प्रदान की गई।
घर पहुंचाकर दिया जा रहा खाद्यान्न
    ऐसे मतिमंद एवं बहुविकलांग दिव्यांजन जो अपना स्वयं का देखरेख नहीं कर पा रहें है, उनको खाद्य विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों के माध्यम से पात्रता पर्ची सत्यापित कर लाभ दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देश पर दिव्यांगजनों को पीडीएस के माध्यम से घर पहुंचाकर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
रोजगार से जोड़ने के प्रयास
    जिले के दिव्यांगजनों को शैक्षणिक योग्यता एवं कौशल के आधार पर रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में विशेष अभियान संचालित कर दिव्यांगजनों की शैक्षणिक योग्यता एवं उनकी दक्षताओं की जानकारी संकलित की जा रही है। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने जिला रोजगार अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भारत शासन के पोर्टल पर दिव्यांगजनों की योग्यताओं की जानकारी दर्ज कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने में सेतु का कार्य करें।
(55 days ago)
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