समाचार
|| जिले में उपलब्ध समस्त ऑक्सीजन सिलेण्डर चिकित्सीय कार्य में उपयोग के लिये अधिग्रहित || रविवार को 220 लाभार्थियों को लगाया गया कोविड-19 वैक्सीन || 19 अप्रैल को जिले के 86 केन्द्रों पर लगेगा कोविड-19 का टीका || दयोदय तीर्थ क्षेत्र पहुंचकर कोविड केयर सेन्टर की व्यवस्थाओं का कलेक्टर ने लिया जायजा || "मैं कोरोना वोलेंटियर" अभियान के अन्तर्गत नवांकुर संस्था जामई द्वारा प्रेरित करने पर पात्र व्यक्तियों ने लगवाई वैक्सीन "कहानी सच्ची है" || अभी तक जिले में 180728 व्यक्तियों ने लगवाया टीका || कोविड-19 मीडिया बुलेटिन - जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से 95 नये व्यक्ति हुये स्वस्थ || ट्रेन से आने वाले 10 यात्रियों को किया गया कोरेंटाईन || जिले में कोविड-19 से बचाव एवं नियंत्रण हेतु किया गया सैंपलिंग का कार्य लगातार जारी || जिला कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा विगत 24 घण्टे में 110 प्रकरणों का निराकरण
अन्य ख़बरें
लिफ्ट संबंधी सुरक्षा प्रावधानों का करें कड़ाई से पालन -नगरीय विकास मंत्री श्री सिंह भूमि विकास नियम, 2012 में संशोधन
-
उज्जैन | 25-फरवरी-2021
    राज्य शासन द्वारा जन सामान्य की सुरक्षा के लिए भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानों में 28 सितम्बर 2020 को संशोधन किया गया है। लिफ्ट के संचालन, रख-रखाव और सुरक्षा के संबंध में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने इन प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये हैं।
लिफ्ट की स्थापना
    लिफ्ट की स्थापना के लिये भवन स्वामी को स्थानीय नगरीय निकाय में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना आवश्यक होगा। इसमें लिफ्ट की क्षमता, माप तथा लिफ्ट की संख्या का स्पष्ट विवरण देना होगा। भवन स्वामी को लिफ्ट का उपयोग करने वाले व्यक्तियों के साथ लिफ्ट का बीमा मान्यता प्राप्त संस्था से कराना होगा। भवन स्वामी को लिफ्ट इंजीनियर द्वारा स्थापना के पश्चात् दिए गए रख-रखाव के निर्देशों का पालन करना होगा।
    भवन स्वामी द्वारा ऐसे लिफ्ट का उपयोग नहीं किया जाएगा, जो सुरक्षित नहीं है। इसके लिए भवन स्वामी पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगा। यदि लिफ्ट का उपयोग नहीं किया जा रहा हो, तो भवन स्वामी पूरी तरह से बिजली की आपूर्ति से लिफ्ट को डिस्कनेक्ट करेगा एवं सभी दरवाजों को सुरक्षित रूप से बंद करेगा, जिससे आकस्मिक प्रवेश को रोका जा सके। भवन स्वामी द्वारा राष्ट्रीय भवन संहिता में किए गए प्रावधानों के अनुसार संचालन और रख-रखाव किया जाएगा।
    भवन स्वामी लिफ्ट इंजीनियर से विधिवत हस्ताक्षरित एक छह मासिक आवधिक सुरक्षा और लेखा परीक्षा रिपोर्ट संबंधित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेगा। केवल व्यक्तिगत भवन स्वामी को इससे छूट होगी। भवन स्वामी उल्लेखित प्रावधानों का पालन करने में यदि विफल रहता है, तो लिफ्ट के संचालन को सक्षम प्राधिकारी द्वारा रोक दिया जाएगा। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में 24 घंटे के अंदर दुर्घटना का पूर्ण विवरण भवन स्वामी संबंधित प्राधिकारी को देगा।
लिफ्ट इंजीनियर
   लिफ्ट के संस्थापन एवं संचालन के लिए विशेषज्ञता प्राप्त लिफ्ट इंजीनियर का प्रावधान भूमि विकास नियम में किया गया है। इसके अनुसार लिफ्ट इंजीनियर को इलेक्ट्रिकल/मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक के साथ लिफ्ट की स्थापना, निर्माण, परीक्षण तथा ऑडिट से संबंधित 5 वर्ष का अनुभव आवश्यक होगा। लिफ्ट इंजीनियर लिफ्ट की स्थापना पूर्ण होने पर निर्धारित प्रपत्र पर विधिवत अनुज्ञप्ति क्रमांक सहित हस्ताक्षर करेगा। लिफ्ट इंजीनियर लिफ्ट स्थापना के पश्चात् भवन स्वामी को रख-रखाव के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी करेगा।
लिफ्ट प्राधिकारी
    लिफ्ट प्राधिकारी संबंधित नगरीय निकायों के आयुक्त अथवा मुख्य नगरपालिका अधिकारी होंगे। प्रत्येक लिफ्ट प्राधिकारी सभी लिफ्ट की भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक सूची निर्धारित प्रपत्र में संधारित करेगा। ऐसे स्थल, जिनमें पूर्व से लिफ्ट स्थापित है, उनके भवन स्वामी को भी इसकी सूचना निर्धारित प्रपत्र में निर्धारित शुल्क के साथ प्राधिकारी को देनी होगी। इसे प्राधिकारी उपरोक्त सूची में संधारित करेगा। सक्षम प्राधिकारी लिफ्ट के व्यक्तिगत रूप से परिचालन में लापरवाही एवं त्रुटि पाए जाने पर लिफ्ट के संचालन को रोक सकेगा।
 
(53 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मार्चअप्रैल 2021मई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2930311234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293012
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer